हाथी मुआवजा देने और कोल-माइंस निरस्त करने की मांग:रायगढ़ में आदिवासी-समाज ने मांगे पूरी नहीं होने पर 9 अक्टूबर से चक्काजाम की दी चेतावनी

रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की कई समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने सोमवार को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि हाथियों से बढ़ती जनहानि और फसल नुकसान के बावजूद किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। समाज ने प्रभावित किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुसार मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा, ग्रामीणों ने धूल चौक बांधापाली से नवापारा तक 3 किलोमीटर लंबे जर्जर सड़क मार्ग की तत्काल मरम्मत की मांग की। साथ ही खरसिया–पत्थलगांव मुख्य मार्ग पर ऐडू पुल से छाल, हाटी, धरमजयगढ़ तक की सड़क को भी तत्काल ठीक करने की बात कही गई। ग्राम गढ़ाईन बाहरी की सीमा पर स्थित विदेशी मदिरा दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने और पुरूंगा क्षेत्र में प्रस्तावित कोल माइंस को निरस्त करने की मांग भी की गई। मांगें पूरी न होने पर होगा आंदोलन गांव के शौकीलाल नेताम ने बताया कि, अलग-अलग समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। वहीं सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष महेंद्र सिदार ने कहा कि हाथियों द्वारा फसल नष्ट करने पर वर्तमान मुआवजा राशि पर्याप्त नहीं है। एक एकड़ धान पर केवल 9 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है, जबकि किसान का खर्च इससे कहीं अधिक होता है। 9 अक्टूबर को चक्काजाम की चेतावनी महेंद्र सिदार ने चेतावनी दी कि यदि 8 अक्टूबर तक मांगें पूरी नहीं की गईं तो 9 अक्टूबर से क्षेत्र में चक्काजाम किया जाएगा।

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