रतलाम में चल रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के तीन दिवसीय प्रांत अधिवेशन के दूसरे दिन सोमवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। केसरिया साफा बांधे, हाथों में तिरंगा और केसरिया ध्वज लिए छात्र-छात्राएं पूरे जोश और राष्ट्रवादी उत्साह के साथ सड़कों पर उतरे। शोभायात्रा दोपहर करीब 4 बजे साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज से प्रारंभ हुई। सबसे आगे डीजे पर देशभक्ति गीत गूंज रहे थे, वहीं उसके पीछे अभाविप के राष्ट्रीय पदाधिकारी चल रहे थे। उनके पीछे बड़ी संख्या में विद्यार्थी “स्टूडेंट पावर”, “ऐरो की ना गैरों की, एबीवीपी वीरों की” जैसे नारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। विद्यार्थियों के हाथों में “भारत में भारत का ज्ञान जगाए जो स्वाभिमान”, “हम सब भारत मां के लाल”, “भेदभाव का कहा सवाल”, “गांव-गांव जाएंगे, सामाजिक समरसता लाएंगे” जैसे संदेशों वाली तख्तियां थीं। शोभायात्रा के दौरान शहर के कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। तीन तस्वीरें देखिए स्वच्छता का दिया संदेश
शोभायात्रा के दौरान अभाविप ने स्वच्छता का संदेश भी दिया। स्वागत समिति के सदस्य गोविंद काकानी के नेतृत्व में मंच के आगे-आगे सड़क की सफाई करवाई जाती रही, जिससे सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। शोभायात्रा साइंस कॉलेज से नगर निगम तिराहा, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार चौराहा, घास बाजार, चौमुखी पुल, चांदनी चौक, हरदेवलाला पिपली, बजाज खाना, गणेश देवरी होते हुए पुनः डालूमोदी बाजार से धानमंडी स्थित रानीजी के मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां अभाविप की ओर से खुला मंच आयोजित किया गया। आदिवासी संस्कृति की दिखी झलक
अधिवेशन में प्रांत के 22 संगठनात्मक जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी अपने-अपने जिले के बैनर के साथ शोभायात्रा में चले। झाबुआ से आए छात्र-छात्राएं आदिवासी ढोल की थाप पर नृत्य करते हुए शोभायात्रा का विशेष आकर्षण बने। देखें शोभायात्रा की तस्वीरें…


