भास्कर न्यूज | जालंधर क्रिसमस के मौके पर शहर के निजी कैफे में रविवार को बच्चों से लेकर युवा उत्साहित नजर आए। बच्चों के लिए क्रिसमस की सजावट को लेकर वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें तीन से बारह साल के बच्चे शामिल हुए, जहां उन्हें छोटे-छोटे क्रिसमस ट्री सजाने सिखाए गए। बच्चों ने क्रिसमस ट्री को बेल्स, झालर और स्टार्स लगाकर डेकोरेट किया। बच्चे क्रिसमस थीम के मुताबिक सेंटा क्लॉज की टोपी, हेयरबैंड लगाकर पहुंचे थे। दो घंटे की इस वर्कशॉप में बच्चों को फीड द स्नो मैन जैसी फन गेम्स भी खिलाईं गईं। वर्कशॉप में बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट सिखाने वाली अंशु घई ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों के विकास में मदद मिलती है। साथ ही वे इस तरह की एक्टिविटीज को काफी एन्जॉय भी करते हैं। यह एक्टिविटीज बच्चों के लिए जिंदगी भर की याद बन जाती है। उनका कहना है कि ज्यादातर बच्चे फन जोन में जाते हैं पर हम गेम्स के साथ-साथ उन्हें नई चीजें बनानी भी सिखाते हैं, जिन्हें वह याद के तौर पर अपने साथ सहेज कर रख सकें। अर्बन एस्टेट की रहने वाली शिवांगी अपने साढ़े तीन साल के बेटे शिवाय के साथ वर्कशॉप पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि वह अक्सर अपने बेटे को इस तरह के कार्यक्रम में लेकर जाती हैं, ताकि उनका बच्चा नई-नई चीजें सीख सके। वह कहती हैं कि इस तरह के कार्यक्रम में अलग-अलग लोगों से मिलने से उसमें आत्मविश्वास आएगा। उन्होंने कहा कि वर्कशॉप में उनके बच्चे ने क्रिसमस ट्री बनाते हुए काफी एन्जॉय किया। इसी तरह बैंक एनक्लेव की रहने वाली आशिमा अपने ढाई साल के बेटे वैराज को लेकर आईं थीं। उनका मानना है कि इस तरह की एक्टिविटीज से बच्चों को काफी एक्सपोजर मिलता है। खेल-खेल में वह नई चीजें जल्दी सीखते हैं। इस तरह की एक्टिविटीज बच्चों के ओवरअॉल विकास में मदद करती हैं।


