भास्कर न्यूज | जांजगीर शहर की आबादी में हर वर्ष लगातार वृद्धि हो रही है। इसी क्रम में नहर के उस पार और आसपास के क्षेत्रों में अब सघन आबादी बस चुकी है। इन क्षेत्रों को शहर से जोड़ने के लिए पहले नहर पार एक पतली डामर सड़क का निर्माण किया गया था। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए लगभग एक वर्ष पहले सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई। इसके तहत सड़क के एक हिस्से को सीसी रोड बनाकर चौड़ा किया गया, जिससे यातायात पहले की तुलना में काफी सुगम हो गया। हालांकि सड़क चौड़ीकरण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहां सड़क का विस्तार किया गया है, वहां आज भी 11 केवी लाइनों के खंभे कई स्थानों पर किनारे खड़े हैं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए डीएमएफ से निर्माण कराया गया। राशि खर्च करने की जल्दबाजी में बिजली के खंभे हटाने की पूर्व योजना बनाए बिना नगर पालिका द्वारा लगाए गए पैवर ब्लॉक हटाकर सीसी रोड बना दी गई। अब इस मार्ग पर दिन-रात वाहनों की आवाजाही हो रही है, लेकिन जोखिम बना हुआ है। इस मार्ग पर दो स्थानों पर ट्रांसफार्मर का पुराना सेटअप सड़क के बेहद पास स्थित है। यहां बिजली के तार अक्सर लटकते रहते हैं, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। ट्रांसफार्मर के कारण दो बड़े वाहन एक साथ नहीं निकल पाते, जिससे जाम की स्थिति बनती है। इसके अलावा इस मार्ग पर 10 से अधिक स्थानों पर बिजली के पोल सीधे सीसी रोड से जुड़े हुए हैं, जो वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन रहे हैं। नहर पार सड़क प्रसिद्ध नहरिया बाबा हनुमान मंदिर, इनकम टैक्स ऑफिस और निजी अस्पतालों के लिए पहुंच मार्ग है। पोल शिफ्ट नहीं होने से सड़क की पूरी चौड़ाई यातायात के उपयोग में नहीं आ पा रही है। बीटीआई चौक से लेकर नहरिया बाबा मंदिर मार्ग तक कई स्थानों पर यही स्थिति देखने को मिलती है। चौड़ी सीसी सड़क से लोगों को सुविधा तो मिली है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही के प्रमाण आज भी साफ नजर आते हैं। खंभों को शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं: जेई ^बिजली विभाग के जेई सौरभ कश्यप ने बताया कि खंभों को लेकर सर्वे किया गया था, लेकिन खंभों को रास्ते से शिफ्ट करने के लिए कोई योजना नहीं है।


