चक्रधरपुर रेल मंडल के चक्रधरपुर-राउरकेला व चाईबासा डीपीएस रेलखंड की रेल पटरियों के आसपास हाथियों के मूवमेंट के कारण 21 मेमू ट्रेनों को 24 दिसंबर तक के लिए कैंसिल कर दिया गया है। रेलवे ने हाथियों की सुरक्षा व जानमाल के नुकसान होने की संभावित कारणों से ट्रेनों का परिचालन कैंसिल किया है। 22 से 24 दिसंबर तक 21 मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द किए गए हैं। उक्त ट्रेनें टाटा नगर से राउरकेला, चक्रधरपुर से राउरकेला, टाटानगर से चाईबासा भाया डीपीएस, बिरमित्रापुर-बरसुआं, हटिया-राउरकेला रूट पर चलती हैं। इन रेल रूटों पर हाथियों के झुंड होने की सूचना पर रेलवे ने ट्रेनों को 24 दिसंबर तक कैंसिल किया है। मालूम हो कि पिछले एक सप्ताह से लगातार ट्रेनें कैंसिल हो रही हैं। 22 और 24 दिसंबर तक अलग-अलग रूट की कैंसिल मेमू ट्रेनें नंबर ट्रेन 68025/68026 चक्रधरपुर-राउरकेला, चक्रधरपुर सारंडा मेमू 58151/58152 बीरमित्रपुर वबरसुवान- बीरमित्रपुर पैसेंजर 68019/68020 टाटानगर-गुवा-टाटानगर मेमू 68009/68010 टाटानगर-चक्रधरपुर-टाटानगर मेमू 68043/68044 टाटा-राउरकेला-टाटा मेमू ट्रेन 18175/18176 हटिया-झारसुगड़ा, हटिया-मेमू 68029/68030 राउरकेला-झारसुगड़ा राउरकेला मेमू 58151/58152 बिरमित्रापुर बरसुआं पैंसेंजर 68125/68126 टाटा-बड़बिल-टाटा मेमू 68010/68009/68006 सीकेपी-टाटा, खड़गपुर सीकेपी मेमू ट्रेन। 5 साल 9 महीने बाद में इस्पात एक्सप्रेस का ठहराव शुरू रेलवे स्टेशन में पांच साल नौ महीने बाद हावड़ा-कांताबाजी इस्पात सुपरफास्ट एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया। रविवार को शाम करीब साढ़े पांच बजे ट्रेन करीब छह घंटे विलंब से स्टेशन पहुंची तो लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बता दें कि कोरोना काल के बाद जब ट्रेनों का परिचालन सामान्य हुआ तो सितंबर 2023 में रेलवे ने हावड़ा–टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस का स्टॉपेज दिया था। लेकिन सप्ताह में चार दिन चलने वाली हावड़ा–कांताबाजी इस्पात एक्सप्रेस का ठहराव रेलवे की चूक के कारण शुरू नहीं हो सका था। इससे यात्रियों में इस्पात एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी।


