हिंडौन सिटी की शीतला कॉलोनी स्थित महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर में आयोजित भागवत कथा का समापन हो गया। इस दौरान देर शाम तक मंदिर परिसर में रौनक बनी रही। कथावाचक कृष्णा नंद शास्त्री ने शनिवार को कथा में भगवान श्री कृष्ण और सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने मित्रता में सेवा भाव, समानता और सहजता के महत्व पर प्रकाश डाला। कथावाचक ने बताया कि कैसे द्वारिका के राजा बनने के बाद श्री कृष्ण ने अपने बालसखा सुदामा से दीन-हीन अवस्था में मिलने पर भावुकता से उनका स्वागत किया। इस प्रसंग पर सजीव झांकी भी सजाई गई, जिसने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मंदिर के महंत दयानंद शर्मा ने बताया कि कथा के दौरान बाल रूप श्री कृष्ण और सुदामा चरित्र पर सजीव झांकियां भी सजाई गईं। कथा के समापन पर रविवार को यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया। कथा विश्राम पर भागवत पोथी और ठाकुरजी की सामूहिक महाआरती हुई। कथा स्थल पर भव्य सजावट की गई थी और आसपास की कई कॉलोनियों से बड़ी संख्या में श्रोता कथा सुनने पहुंचे।


