लांबाहरिसिंह |राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विराट हिंदू सम्मेलन में सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता व संगठित समाज पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने सनातनियों को जाति से ऊपर उठकर धर्म रक्षा का आह्वान किया। डॉ. मोक्षराज आचार्य ने परंपराओं-संस्कारों की रक्षा, परिवार मजबूती व महापुरुषों के आदर्श अपनाने पर बल दिया। इससे पूर्व महिलाओं ने 551 ने मंगल कलश सिर पर धारण किए कलश यात्रा निकाली। पुरुष-युवा भगवा ध्वज लहराते जय श्री राम के जयकारे लगाते हुए चले। ट्रैक्टरों पर नौ देवियां, राम दरबार, रानी लक्ष्मीबाई व नौ क्षेत्रीय योनियों की जीवंत झांकियां सजाईं।दशहरा मैदान पर धर्मसभा हुई। टोंक जिला प्रचारक अशोक कुमार ने बताया कि शताब्दी वर्ष में 6 लाख गांवों में 85 हजार हिंदू सम्मेलन हुए। भारत माता की गोद में जन्म का सौभाग्य है, श्रेष्ठ नागरिक बन विश्व को श्रेष्ठ बनाएं। संयोजक मोनू गौतम ने प्राचीन ज्ञान परंपरा से विश्वगुरु बनने व एकता पर जोर दिया। विभिन्न भगवानों की झांकियां व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ।


