बिहार सीएम नीतीश कुमार पर एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने के आरोप को लेकर विरोध है। शुक्रवार को झूलनपीर इलाके में नमाज के बाद मुस्लिम समाज और मुस्लिम त्योहार कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कोतवाली थाना प्रभारी के माध्यम से राष्ट्रपति, राष्ट्रीय महिला आयोग और बिहार महिला आयोग के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मुआज कामिल ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक समुदाय की महिला से जुड़ी नहीं है, बल्कि देश की नारी गरिमा पर हमला है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है, जहां महिलाओं के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से यह अपेक्षित नहीं
मुआज कामिल ने अपने बयान में कहा कि 15 दिसंबर को बिहार के मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में महिला का हिजाब खींचा, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार एक संवैधानिक पद पर हैं और उनसे इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा माहौल में एक विशेष समाज को निशाना बनाया जा रहा है और इस घटना से मुस्लिम समाज को अपमानित महसूस कराया गया है। कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के जरिए मांग की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, और वे सार्वजनिक रूप से संबंधित महिला से माफी मांगें। मुस्लिम समाज ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विरोध को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


