हिमाचल के कृषि वैज्ञानिक को मिलेगा पद्म श्री:गणतंत्र दिवस पर होंगे सम्मानित; फसल की उन्नत किस्मों के विकास में दिया योगदान

केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस साल देशभर से कुल 131 हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान कला, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा, खेल, समाजसेवा और चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। इस सूची में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से संबंध रखने वाले प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम का नाम भी शामिल है। उन्हें विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। फसल की उन्नत किस्मों के विकास में दिया योगदान डॉ. प्रेम लाल गौतम का जन्म 12 दिसंबर 1947 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने हिमाचल कृषि कॉलेज सोलन से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र में देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषि विश्वविद्यालय पूसा में कुलाधिपति उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति और पादप प्रजाति संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, डॉ. गौतम डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति और करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी हमीरपुर के प्रो-चांसलर के रूप में कार्यरत हैं। पद्म श्री देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा उन नागरिकों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट और सराहनीय योगदान दिया हो। यह सम्मान कला, विज्ञान, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा और जनसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दिया जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *