हिमाचल में रविवार को हुई नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के नॉन टीचिंग पदों की भर्ती परीक्षा में 40 अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़े गए हैं। इनके पास से माइक्रो चिप और ब्लू टूथ बरामद किए गए। इनकी मदद से अभ्यर्थी सरकारी नौकरी पाने के लिए नकल कर रहे थे। शिमला पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। शिमला के अलग अलग थानों में पांच एफआईआर दर्ज की है। माना जा रहा है कि 4 से 12 लाख में नकल की डील हुई है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़े इन परीक्षार्थियों में ज्यादातर हरियाणा के बताए जा रहे हैं। कुछ अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के भी शामिल है। शिमला पुलिस ने आज एक ओर अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। पुलिस को इसमें बड़े गिरोह होने का अंदेशा है। इसे देखते हुए पुलिस ने एएसपी शिमला की अगुआई में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। SIT अब हर पहलुओं पर जांच में जुट गई है। पुलिस सूत्रों की माने तो इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल कराने वाला नेटवर्क हरियाणा से चल रहा था। पुलिस की अब तक की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नकल करवाने की एवज में अभ्यर्थियों से लाखों रुपए लिए गए। पुलिस अब इस गिरोह का पर्दाफाश करने में जुट गई है, जिसने परीक्षार्थियों से पैसे लिए और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से जो नकल करवा रहे थे। देशभर में 1377 पदों को ली गई परीक्षा बता दें कि नवोदय विद्यालय समिति ने बीते रविवार को देशभर में नॉन टीचिंग (स्टेनोग्राफर, मेस हेल्पर, जेएसए, फॉर्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, इत्यादि) के 1377 पदों के लिए परीक्षा ली गई। शिमला में भी इसके लिए छह एग्जामिनेशन सेंटर बनाए गए। इन पदों के लिए 14 से 19 मई तक परीक्षा आयोजित की जा रही है। रविवार को न्यू शिमला के एक स्कूल में परीक्षार्थी सुबह साढ़े सात बजे पेपर देने के लिए पहुंचने शुरू हो गए। यह परीक्षा सुबह 9.30 बजे से 12 बजे ली गई।इससे पहले सभी अभ्यर्थियों को तलाशी के बाद अंदर भेजा गया। मेटल डिटेक्टर से भी सभी की तलाशी ली गई। वॉश रूम गए अभ्यर्थी से भंडाफोड़ पुलिस के अनुसार, एक अभ्यर्थी ने पेपर के दौरान वॉश रूम जाने की अनुमति मांगी। कुछ देर पर वह दोबारा वॉश रूम जाने की अनुमति मांगता। इससे परीक्षा अधीक्षक और एग्जामिनेशन ड्यूटी में तैनात स्टाफ को शक हुआ और वॉश रूम तक उसका पीछा किया,लेकिन अंदर से दरवाजा बंद था। इससे कुछ पता नहीं चल पाया। कान में ब्लू टूथ, सीने में माइक्रो चिप मिली जैसे ही वह अभ्यर्थी वॉश रूम से लौटता है, तब उसकी तलाशी ली गई। इस दौरान उसके सीने से एक डिवाइस बरामद किया गया। गहनता से जब उसकी जांच की गई तो कान से भी ब्लू टूथ (माइक्रो कैप्सूल) डिवाइस मिला, जो कान के भीतर लगाया लगा था। माइक्रो डिवाइस की वजह से मेटल डिटेक्टर भी इसका पता नहीं लगा पाया। बारी-बारी सभी अभ्यर्थियों की तलाशी इसके बाद सभी अभ्यर्थियों की बारी बारी तलाशी ली गई। अकेले छोटा शिमला केंद्र से 10 अभ्यर्थियों से इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस बरामद किए गए। तब पर्यवेक्षकों की टीम ने मामले की जानकारी परीक्षा आयोजित करने वाले सीबीएसई की सी-टेट यूनिट को ईमेल के जरिए दी। यहां से सीबीएसई ने सभी पकड़े अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिमला में दूसरे परीक्षा केंद्र से भी अभ्यर्थियों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पकड़े गए। 4 से 12 लाख में डील पुलिस द्वारा हिरासत में लिए अभ्यर्थियों ने कबूला कि पेपर पास करवाने के लिए 4 से 12 लाख रुपए की डील हुई है। कई अभ्यर्थियों ने पेपर देने से पहले ही आधी रकम दे दी है। बाकी का पैसा पेपर के बाद देना है। पुलिस ने देर रात तक परीक्षा केंद्रों में जांच की इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस से नकल के इस मामले की सूचना जब पुलिस को दी गई तो पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने शिमला में अलग अलग परीक्षा केंद्र में देर रात तक जांच की और हिरासत में लिए अभ्यर्थियों से लंबी पूछताछ की। पुलिस ने इन अभ्यर्थियों के पास पकड़े गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी कब्जे में ले लिए है। मेटल डिटेक्टर भी नहीं पकड़ पाया हैरानी इस बात की है कि इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को मेटल डिटेक्टर भी नहीं पकड़ पाए। पुलिस को अब मास्टर माइंड की तलाश है।


