हेड कॉन्स्टेबल को थप्पड़ मारने वाले DSP को एपीओ किया:एसपी बोले- रीडर ने भी माना था घटना तो हुई; तीनों से गलती स्वीकार की थी

बाड़मेर के चौहटन DSP जीवनलाल खत्री के ड्राइवर (हेड कॉन्स्टेबल) रामूराम मेघवाल ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। एसपी से फोन पर हुई बात में DSP के रीडर ने ये बात मानी है। इससे पहले DSP नकारते रहे थे कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। बाड़मेर एसपी नरेंद्र मीना ने पूरे मामले पर बात की है। उन्होंने कहा- मैंने उनके रीडर गोपीकिशन से फोन पर बात की तो उसने थप्पड़ मारने की बात मानी है। ASP जसाराम बोस मामले की जांच कर रहे हैं, जहां तीनों (DSP, ड्राइवर और रीडर) ने लिखित में अपनी गलती स्वीकारी है। मामले में रेंज ऑफिस से एडिशनल एसपी आकर अब आगे की जांच करेंगे। हमने DSP को APO कर दिया है। ‘थप्पड़ खा कर थोड़ी ड्यूटी करेंगे’ बता दें कि 11 सितंबर को DSP के ड्राइवर (हेड कॉन्स्टेबल) रामूराम का ऑडियो सोशल मीडिया पर आया था। इसमें रामूराम का आरोप था कि DSP ने उन्हें रीडर के सामने थप्पड़ मारा है। जबरन उन्हें ड्यूटी करने के लिए बाध्य किया है। रामूराम ने यह भी कहा था कि थप्पड़ खा कर ड्यूटी थोड़ी करेंगे। इसके बाद एसपी ने जांच बैठाई थी और रामूराम के कहने पर उनका ट्रांसफर भी कर दिया था। अब इसमें एसपी ने पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। अब पढ़िए पूरे मामले पर एसपी ने क्या कहा- एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने कहा- 11 सितंबर की रात 9:15 बजे हेड कॉन्स्टेबल रामूराम का फोन आया था। उसने कहा था- चौहटन डीएसपी जीवनलाल खत्री ने मेरे को थप्पड़ मारा है। इसके बाद मैंने तुंरत डीएसपी को फोन किया। पूछा कि आपने इस तरह की हरकत क्यों की। तब उन्होंने ऐसी किसी भी घटना के होने से इनकार कर दिया। मैंने फटकार लगाते हुए कहा कि अधीनस्थ कर्मचारी के साथ अच्छा व्यवहार रखा करो। आपने इस तरह की हरकत की है। रामूराम को लगा होगा मैंने उसकी बात नहीं सुनी एसपी ने बताया कि 12 सितंबर को 12 बजे रामूराम ऑफिस के गेट पर मिला। तब मैंने उनको कहा कि आप अभी तो ड्यूटी करो। 16 सितंबर के बाद आप एप्लिकेशन दे दो जहां जाना चाहते हो वहां ट्रांसफर कर देंगे। इसी के बाद रामूराम को लगा होगा कि मैंने उसकी बात नहीं सुनी। शनिवार को दुबारा ऑफिस में बुलाया गया था। घटनाक्रम को लेकर पूरी जानकारी ली गई। जहां जाना चाहता था वहां भेज दिया एसपी ने कहा कि हेड कॉन्स्टेबल की इच्छा थी कि मेरा ट्रांसफर पुलिस लाइन में कर दिया जाए। पहले मेरा एक्सीडेंट हो रखा है। इसकी इच्छानुसार एमटी शाखा में उनका ट्रांसफर कर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑडियो आने के बाद मामले ने पकड़ा तूल मैं पुलिस की प्रताड़ना से तंग हो गया हूं। इनके शोषण और जुल्म से परेशान हो गया हूं और अब में इस नौकरी से पीछा छुड़ाना चाहता हूं। मैंने 26 साल बेदाग नौकरी की, लेकिन अब टॉर्चर कर है। मेरा एक्सीडेंट हो या और ऑपरेशन हुआ है। लेकिन अधिकारी समस्या को समझ नहीं रहे है, सीधी गाली निकालकर बात करते है। डीएसपी साहब के साथ जो मामला था उस समय हैड कॉन्स्टेबल गोपीकिशन भी सामने थे और उसने डीएसपी को एक थप्पड़ मामले के बाद रोका था। इसके बारे में गोपीकिशन ने एसपी को भी बताया। दूसरे ऑडियो में बोला- एसपी साहब पूरा भरोसा 11 सितंबर की रात को धनाऊ से चौहटन आते समय डिप्टी जीवनलाल खत्री ने मुझे थप्पड़ मारा। मैंने एसपी को जानकारी दी। एसपी साहब ने मुझे अपनी पीड़ा रखने को बुलाया। 12 तारीख को उनके कार्यालय में पहुंचा लेकिन यह किसी मीटिंग में जा रहे थे। 13 तारीख को एसपी साहब ने मेरी पीड़ा को सुना और आश्वस्त किया कि इस मामले में निष्पक्ष च की जाएगी। एसपी साहब के आश्वासन पर मुझे भरोसा है। मैं अभी पुलिस लाइन में आ गया हूं और मुझे न्याय मिलेगा इसकी मुझे आशा है। इससे जुड़ी खबर पढ़े… DSP ने हेड कॉन्स्टेबल को थप्पड़ मारा:आरोपी अफसर बोले- ऐसा कुछ नहीं हुआ, पीड़ित ने कहा- ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकता बाड़मेर जिले के चौहटन डीएसपी जीवनलाल खत्री के ड्राइवर (हेड कॉन्स्टेबल) रामूराम मेघवाल ने उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। आरोप है यह भी है कि सबकुछ जानते हुए सीनियर अफसरों ने मामले को दबा दिया। इससे संबंधित एक ऑडियो भी सामने आया है। इसमें हेड कॉन्स्टेबल रामूराम मेघवाल अपनी पीड़ा फोन पर किसी व्यक्ति को बता रहे हैं। (पढृे पूरी खबर)

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