दोनों ही शहरी सरकार निरात्रित पशुओं पर लगाम नहीं कस पा रही है। ऐसे में शहर में करीब 40 हजार निरात्रित पशु चौराहों, गलियों और बाजारों में घूम रहे हैं। इसके चलते लोगों का गलियों, चौराहों और बाजारों से निकलना मुश्किल हो रखा है। हद तो यह है कि शहर की सड़कों से निरात्रित पशु पकड़े ही नहीं जा रहे हैं। इससे राह चलते निरात्रित पशुओं के लोगों को सींग मारने की हर महीने 10 से ज्यादा घटनाएं हो रही हैं। पिछली साल 17 दिसंबर को राजीव नगर कच्ची बस्ती, कटेवा नगर में एक निरात्रित गाय ने महिला को सिंग मार कर घायल कर दिया था, जिसकी तीन दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। एक दिन पूर्व भी एक निरात्रित सांड बस में घुस गया था। राज्य पशु की भी बेकदरी दो दिन से राज्य पशु ऊंट की भी बेकदरी हो रही है। दो दिन से हेरिटेज निगम क्षेत्र में दिल्ली रोड पर आमेर के पास किलकी होटल के सामने राज्य पशु ऊंट मृत पड़ा है। निगम में स्थानीय लोगों के सूचना देने के बाद भी मृत पशु को उठाया नहीं जा रहा है। फर्म सड़कों से पकड़ने के बजाय दुधारू पशुओं को उठा रही है हेरिटेज निगम ने निरात्रित पशुओं के प्रबंधन के लिए राजेश ठेकेदार फर्म को 1.50 करोड़ सालाना का ठेका दिया हुआ है। इसके बावजूद वॉल सिटी से निरात्रित पशु कम होने की बजाए बढ़ गए हैं। फर्म शहर की बजाए बाहरी क्षेत्र से दुधारू पशुओं को पकड़ कर हिंगोनिया गोशाला पहुंचा रही है। निगम फर्म पर न तो कोई पेनल्टी लगा रही है और न ही कोई जुर्माना आदि की कार्रवाई कर रहा है, जबकि फर्म के खिलाफ आए दिन निगम में शिकायतें मिल रही है। शहर में चल रही हैं 1500 से ज्यादा अवैध डेयरियां शहर में 1500 से ज्यादा अवैध डेयरियां चल रही हैं। इन डेयरियों के पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं। यहां तक कि सड़कों से निरात्रित सांडों को और मारने वाली गायों को तो पकड़ा ही नहीं जाता। ठेकेदार फर्म निरात्रित पशु पकड़ने की बजाए अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध डेयरियों से वसूली करने में लगे हुए हैं। इसीका नतीजा है कि तीन महीने पहले पशु प्रबंधन शाखा अधिकारी को एसीबी ने रंगेहाथों वसूली करते हुए दबोचा था। निरात्रित सांड के मारने से 2017 में विदेशी पर्यटक हुई थी मौत वॉल सिटी में वर्ष-2017 में निरात्रित सांड के सिंग मारने से विदेशी पर्यटक की मौत हो गई थी। उसके बाद निगम ने अभियान चलाकर वॉल सिटी को निरात्रित पशुओं से मुक्त कराया था। दोनों निगमों ने छह महीने पहले भी अभियान चलाया था, लेकिन अब फिर से निरात्रित पशुओं का जमावड़ा पर्यटन स्थलों पर देखा जा रहा है। ऐसे में शायद नगर निगम हेरिटेज फिर से 2017 जैसी ही किसी घटना का इंतजार में है, जबकि निगम पशु प्रबंधन के लिए ठेकेदार फर्म को निगम 1.50 सालाना खर्चा दे रहा है। निविदा शर्तों के अनुसार फर्म को जितने संसाधन उपलब्ध कराने हैं, उतने आज तक उपलब्ध ही नहीं कराए। इससे निरात्रित पशु दिनोंदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। अवैध पशु डेयरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान चलाकर सड़कों और पर्यटक स्थलों से बेसहारा पशुओं को हटाया जाएगा।
-कुसुम यादव, महापौर, हेरिटेज निगम


