एसएमएस अस्पताल में हर दिन आने वाले मरीजों को इलाज भले ही फ्री मिल रहा हो, लेकिन पार्किंग बड़ा मर्ज बनती जा रही है। अस्पताल में रोजाना 8 से 10 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं, लेकिन धन्वन्तरि, ट्रॉमा और मुख्य भवन में 3100 वाहनों की ही पार्किंग है। जहां 1700 टू व्हीलर और 1400 फोर-व्हीलर खड़े हो सकते हैं। इनमें से 2000 पर डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के वाहन खड़े रहते हैं। शेष 1400 के लिए मारामारी रहती है। बता दें कि अस्पताल में रोजाना करीब 5000 वाहन आते हैं। जगह नहीं मिलने से चरक भवन से लेकर इमरजेंसी तक, कैंसर भवन, जेएमए के चारों ओर गाड़ियां खड़ी रहती हैं। इससे एंबुलेंस को भी कई बार फंस जाती है। इसमें भी चौंकाने वाली बात ये है कि ठेकेदार दोपहिया वाहन चालकों से 20 की जगह 40 रुपए वसूल रहा है। एसएमएस के चरक भवन में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज आते हैं और करीब 100 भर्ती होते हैं। इसके बावजूद पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। एसएसबी में भी कमोबेश यही स्थिति है। यदि कोई मरीज अस्पताल के बाहर कुछ देर भी गाड़ी खड़ी कर देता है तो ट्रैफिक पुलिस उठा ले जाती है। वहीं कुछ महीनों में आईपीडी टावर भी शुरू हो जाएगा और उस समय पार्किंग के लिए और भी मुसीबत हो जाएगी। मालूम हो कि अस्पताल में टू-व्हीलर की 20 रुपए और फोर व्हीलर का 40 रुपए शुल्क है। महाराज कॉलेज की जमीन को लेकर हो चुका है विवाद…अस्पताल में पार्किंग को लेकर परेशानी लगातार बढ़ रही है। एसएमएस में पार्किंग को लेकर सरकार स्तर तक मामला जा चुका है। महाराजा कॉलेज की जमीन लेने के प्रस्ताव को लेकर विवाद भी हो चुका है। जेके लोन, गणगौरी और कांवटिया में भी हालात खराब हो चुके हैं। पार्किंग ठेका हो चुका खत्म, मामला सात माह से कोर्ट में अस्पताल प्रशासन ने पार्किंग का दो साल का ठेका दिया था। उसका कार्यकाल खत्म हुआ तो दूसरा ठेका देने के लिए निविदा निकाली, लेकिन उसने कोर्ट केस कर दिया। अब 7 माह से मामला विचाराधीन है। प्रशासन का दावा है कि कोर्ट में वे जीत हासिल करेंगे, लेकिन यह कब तक तय होगा, इसका पता नहीं। 200 से अधिक मरीजों से यह वसूली की जा रही है। यानी कि एक दिन में चार हजार से अधिक और हर महीने में एक लाख 20 हजार रुपए अधिक लिए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मरीजों और उनके परिजनों को टू व्हीलर की जगह फोर-व्हीलर मार्क की गई 40 रुपए की पर्ची दी जाती है और फिर उनसे अधिक रकम वसूली जा रही है। नर्सिंगकर्मी तनुज शर्मा अपने मित्र को दिखाने एसएमएस पहुंचे थे। उन्होंने बाइक खड़ी की और कुछ ही देर में लौटने पर कार की 40 रुपए की पर्ची पकड़ा दी गई। उन्होंने आपत्ति जताई तो कहा गया कि यहां का चार्ज इतना ही है। उसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। ठेकेदार ने कोर्ट केस किया हुआ है, ऐसे में हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। यदि किन्हीं मरीजों से या आने वाले लोगों से अधिक रुपए लिए जा रहे हैं तो उसकी शिकायत सुनी जाएगी। इसके लिए अस्पताल परिसर की मुख्य जगह और पार्किंग स्थल पर पैम्फ्लेट लगाए जाएंगे।
-डॉ. बीपी मीणा, पार्किंग इंचार्ज, एसएमएस


