भास्कर न्यूज | धमतरी धमतरी जिले में टीबी के मरीजों की पहचान अब नई तकनीक वाली हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से की जाएगी। यह मशीन जिला अस्पताल में पहुंच चुकी है। अब इसका ट्रायल भी विशेषज्ञ डॉक्टर व इंजीनियर की उपस्थिति में किया गया। मशीन को फिट करने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे मरीज की जांच भी की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला स्वास्थ्य विभाग को एक अत्याधुनिक तकनीक लैस नई हेंड हेल्ड एक्स-रे मशीन दी गई है। जिला अस्पताल के स्टोर रूम में इस नई एआई आधारित एक्स-रे मशीन के इंस्टालेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों का ट्रायल जांच किया गया। इस मशीन से टीबी मरीजों की जांच की जाएगी। पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में सघन टीबी जांच अभियान चलाने के बाद चिह्नांकित मरीजों को एक्स-रे से जांच के लिए जिला अस्पताल लाया जाता था। अब एआई तकनीक वाली एक्स-रे मशीन से चिह्नांकित टीबी मरीजों का जांच गांवों में शिविर लगाकर किया जाएगा। मशीन इंस्टालेशन के दौरान जिला क्षय अधिकारी डॉ. आदित्य सिन्हा, टीबी कार्यक्रम के जिला समन्वयक आशीष वैष्णव, फार्मासिस्ट अश्वनी ठाकुर, सीनियर रेडियोग्राफर युवराज साहू सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे। जिले में सत्र 2024-25 में 100 दिवसीय निक्षय निरामय कार्यक्रम चलाया गया। इसमें जिलेभर के 8.65 लाख जनसंख्या की जांच की गई थी। इसमें उच्च जोखिम वाले 1.07 लाख लोग मिले। स्क्रीनिंग में 1327 लोग टीबी से पीड़ित मिले हैं। इन मरीजों की लगातार मानिटरिंग के साथ दवाइयां दी जा रही है। 6 मापदंड पर 137 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया गया। अन्य सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। {एआई एक्स-रे मशीन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इस मशीन को कभी भी कहीं भी ले जाकर एक्स-रे जांच कर सकते हैं। {इस एआई आधारित एक्स-रे मशीन के साथ लैपटाप जुड़ा हुआ है, जो एक्स-रे जांच करते ही बीमारी बताएगा। हालांकि बीमारी की आधिकारिक पुष्टि डॉक्टर करेंगे। {इस मशीन के लिए एक्स-रे फिल्म की जरूरत नहीं है। मरीजों को ऑनलाइन मोबाइल पर एक्स-रे जांच की रिपोर्ट मिल जाएगी।


