भास्कर न्यूज | जालंधर हॉकी इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोचों के लिए हॉकी कोचिंग सेमिनार का आयोजन राउंड ग्लास स्पोर्ट्स ने हॉकी पंजाब के सहयोग से किया। जिसमें पंजाब से 65 हॉकी कोच शामिल हुए। सेमिनार के दौरान एनआईएस पटियाला के मुख्य कोच और शिक्षक दिनेश कुमार ने कहा कि हर कोच के लिए हर खिलाड़ी की मानसिकता को समझना बेहद जरूरी है। हर खिलाड़ी की मानसिकता एक-दूसरे से मेल नहीं खाती, इसलिए अगर खिलाड़ियों की मानसिकता को समझकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाए, तो इसके बहुत बड़े लाभ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए आधुनिक प्रणाली अपनाने की भी ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि हॉकी का खेल पूरी तरह से बदल गया है, अब यह खेल जहाँ कला का खेल है, वहीं यह शक्ति का खेल भी है। इस अवसर पर हॉकी इंडिया द्वारा भेजे गए एफआईएच से मान्यता प्राप्त शिक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय अंपायर रिपुदमन शर्मा ने प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि हॉकी खेल के नियम बहुत तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए जहां खिलाड़ियों को इनके बारे में अपडेट रहने की जरूरत है, वहीं प्रशिक्षकों को भी इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। हॉकी इंडिया समय-समय पर इन नियमों की जानकारी उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को इसकी जानकारी होने पर ही वे खिलाड़ियों को आधुनिक हॉकी की ओर ले जा सकते हैं। इस अवसर पर डॉ. वनिता थपियाल स्पोर्ट्स न्यूट्रीशियनिस्ट ने कहा कि प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों के खानपान पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। खिलाड़ी अगर जरूरी खानपान लेंगे तभी वे वर्तमान समय में तेज हॉकी खेल सकते हैं। इस अवसर पर राउंड ग्लास के तकनीकी प्रमुख ओलिंपियन राजिंदर सिंह, ओलिंपियन संजीव कुमार, अशफाक उल्ला खान, रविंदर सिंह लाली, मनीष पांडे सहित कई अन्य हॉकी प्रशिक्षक मौजूद थे।


