नागौर जिले के मुंडवा कस्बे में स्थित वागीश्वरी विद्या मंदिर विद्यालय के हॉस्टल में सोमवार को कक्षा 12वीं के एक छात्र का शव फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुंडवा समेत तीन थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। बिना पुलिस सूचना के शव हटाने पर भड़के परिजन जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र रविन्द्र (18) पुत्र भंवरलाल, निवासी इंदौकली, विद्यालय के हॉस्टल में रहकर विज्ञान वर्ग की पढ़ाई कर रहा था। छात्र का शव कमरे में फंदे से लटका मिलने के बाद स्कूल स्टाफ आनन-फानन में उसे लेकर मुंडवा अस्पताल पहुंचा । परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किए बिना ही घटनास्थल के साथ छेड़छाड़ की और शव को फंदे से नीचे उतार दिया। सुसाइड नोट बदलने का आरोप, अस्पताल में तोड़फोड़ घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित हो गए। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्र के पास से मिला मूल सुसाइड नोट बदल दिया गया है। आक्रोशित भीड़ ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। तीन थानों की पुलिस मौके पर तैनात बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रशासन ने मुंडवा, कुचेरा और भावंडा थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाया। पुलिस के आला अधिकारियों ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन परिजन मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मांगें नहीं माने जाने तक शव के पोस्टमार्टम से भी परिजनों ने इनकार कर दिया है। मृतक के पिता भंवरलाल ने बताया कि हमें घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई और स्कुल प्रशासन ने बिना पुलिस को सुचना दिए बच्चे को खुद ही फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचा दिया | जो सुसाइड नोट मिला है वो मेरे बेटे की भाषा हो ही नहीं सकती | जानकारी के अनुसार रतनलाल के तीन बेटे हैं और रविन्द्र मंझला बेटा था | रतनलाल खुद खेती किसानी का काम करके अपने परिवार को पालते हैं ।


