होली बाजार में बच्चों को भा रही इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी

भास्कर न्यूज | रायगढ़ शहर में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। त्योहार से तीन दिन पहले ही नटवर स्कूल मैदान सहित विभिन्न चौक-चौराहों पर रंगों की दुकानें सज गई हैं। इलेक्ट्रॉनिक गन, हाइप्रेशर पाइप वाली पिचकारी और नए डिजाइन के खिलौने बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। वहीं बाजार में इस बार मिट्टी से बने नगाड़े नहीं मिल पा रहे, जिससे खरीदार निराश हैं। होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। 2 मार्च की रात विभिन्न समितियां अपने निर्धारित समय पर होलिका दहन करेंगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण रंग पर्व अगले दिन मनाया जाएगा। इस बीच स्कूल, कॉलेज, संस्था और कार्यालयों में होली मिलन समारोह भी शुरू हो चुके हैं। होली का त्योहार सभी वर्ग के लोगों में उत्साह भरता है, लेकिन बच्चों में इसका उत्साह अलग ही दिखाई देता है। इस बार बाजार में सुपरहीरो, राजनीतिक किरदार, कार्टून, भूत और कंकाल जैसे मुखौटे खूब बिक रहे हैं। इसके अलावा सिलेंडर रंग और मैजिक बैलून भी बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। समय के साथ पिचकारी भी आधुनिक हो गई है। बाजारों में म्यूजिक वाली पिचकारी, इलेक्ट्रॉनिक गन और हाइप्रेशर पाइप वाली पिचकारी आकर्षण का केंद्र हैं। फव्वारा और मैजिक बैलून की भी अच्छी मांग है। हालांकि चाइना सामान की बिक्री थोड़ी कम हुई है, लेकिन हाईटेक पिचकारियों का क्रेज बच्चों में बरकरार है। इस बार बाजार में हर्बल और खुशबूदार गुलाल का ट्रेंड बढ़ गया है। खुले गुलाल की बिक्री पहले के मुकाबले कम हुई है। दुकानदारों का कहना है कि लोग पैकेट वाले और त्वचा के अनुकूल हर्बल गुलाल को अधिक पसंद कर रहे हैं। रामनिवास टॉकीज में रंगों की दुकान लगाने वाले कमल अग्रवाल बताते हैं कि वे 35 साल से यह कारोबार कर रहे हैं। कोविड के बाद बाजार की रौनक बढ़ी है और इस बार खरीदारी अच्छी रहने की उम्मीद है। शहर के गली-मोहल्लों में भी रंग-गुलाल की दुकानें सज चुकी हैं और ग्राहकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

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