10वीं पास ने कंपनी बनाई, 20 करोड़ का किया खेल:80 लाख की कार से चलता था, गनमैन रखता, 600KM दूर गारमेंट शॉप चलाते पकड़ाया

महज 10वीं पास युवक ने कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए की ठगी कर दी। लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी गाड़ियों और गनमैन के दम पर निवेशकों का भरोसा जीतने वाले इस ठग का भंडाफोड़ मंदसौर पुलिस ने किया है। पुलिस ने 20 करोड़ से ज्यादा की ठगी के मुख्य सरगना अजय राठौर समेत दो आरोपियों को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 5 दिन यानी कि 7 जनवरी तक पुलिस रिमांड सौंपा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मल्हारगढ़ निवासी अजय राठौर ने ‘क्रोलिक’ नाम से कंपनी शुरू की थी। उसने चेन सिस्टम के आधार पर निवेश मॉडल तैयार किया और 15 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए निवेश कराए। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को समय पर रिटर्न देकर भरोसा बनाया गया, लेकिन जैसे ही बड़ी रकम जमा हुई, कंपनी बंद कर दी गई और आरोपी फरार हो गए। लग्जरी लाइफस्टाइल से बनाया भरोसा
पुलिस के अनुसार, अजय राठौर करीब 80 लाख रुपए की जगुआर कार से घूमता था। वहीं उसका साथी आदित्य पालीवाल गनमैन रखता था। दोनों की शानो-शौकत और रुतबे को देखकर लोग उन पर आंख मूंदकर भरोसा करते चले गए। एथिकल हैंकिंग का कोर्स किया था
जांच में सामने आया है कि अजय राठौर महज 10वीं पास है, लेकिन उसने एथिकल हैकिंग का कोर्स किया हुआ है। फरारी के दौरान उसने सिम रहित मोबाइल, प्रॉक्सी नेटवर्क और वर्चुअल लोकेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर करीब एक साल तक पुलिस को चकमा दिया। आदित्य पालीवाल ग्रेजुएट है और पूरे नेटवर्क के संचालन में उसकी अहम भूमिका रही। हरियाणा में कपड़ों की दुकान चला रहे थे
वायडी नगर थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद में ट्रेस की। दोनों आरोपी मंदसौर से करीब 600 किलोमीटर दूर फरीदाबाद में कपड़ों की दुकान संचालित कर रहे थे। पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। लैपटॉप, आईपैड और थार जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक एप्पल आईपैड, तीन मोबाइल फोन और एक महिंद्रा थार वाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ठगी की रकम, खरीदी गई संपत्तियों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(5) और मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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