10वीं -12वीं बोर्ड की मुख्य परीक्षा – 2025 में केवल 80 नम्बर की लिखित परीक्षा में 40% से कम अंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थी की सूचना शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज कराई गई है। उधर, बोर्ड परीक्षा में प्रैक्टिकल और सत्रांक के नंबरों को छोड़कर केवल सैद्धांतिक परीक्षा के आधार पर 40% से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्यात्मक अध्यापकवार सूचना मांगने से विभिन्न शिक्षक संगठनों में नाराजगी है। दरअसल, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पिछले दिनों कहा था कि सत्रांक के अलावा विद्यार्थी 40% से कम अंक प्राप्त करेंगे तो संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई होगी। विभाग के नियमों में न्यून परीक्षा परिणाम की गणना में सत्रांक तथा लिखित प्राप्तांक को जोड़कर उत्तीर्ण तथा प्रतिशत एवं मेरिट की गणना की जाती है। बोर्ड परीक्षा में विषय के पूर्णांक के 20% अंक स्कूल टेस्ट, अर्द्धवार्षिक तथा उपस्थिति, अनुशासन, वृक्षारोपण अन्य गतिविधियों के आधार पर सत्रांक भेजे जाते हैं तथा 80% अंकों की बोर्ड की लिखित परीक्षा होती है। सत्रांक के लिए निर्धारित सभी कार्य विद्यार्थियों को शिक्षक ही करवाते हैं। टेस्ट व अर्द्धवार्षिक में भी पेपर बनाना, परीक्षा लेना कॉपी जांचने परिणाम बनाने का काम शिक्षक ही करते हैं तथा बोर्ड परीक्षा में भी यह कार्य शिक्षक ही करते हैं। शिक्षकों का कहना है कि ऐसे में केवल लिखित परीक्षा को आधार बनाकर अंकों की गणना करना गलत है। शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने इस आदेश को निरस्त करने की मांग शिक्षा मंत्री से की है। 100 अंकों के पेपर में 80 सैद्धांतिक और 20% अंक सत्रांक के निर्धारित दरअसल, 10वीं – 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 100 अंकों के पेपर में 80 अंक लिखित परीक्षा (सैद्धांतिक) के तथा 20 अंक सत्रांक के निर्धारित है। दोनों अंको को मिलकर ही विद्यार्थी का रिजल्ट तैयार किया जाता है। शिक्षा विभाग में इनमें से सत्रांक के अंकों को हटाते हुए सिर्फ लिखित परीक्षा यानी सैद्धांतिक परीक्षा के अंकों के आधार पर 40% से कम अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों की सूचना शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।


