पंजाब से बांग्लादेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिमी बंगाल के उपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड में दिख रहा है। रविवार को झारखंड के करीब 20 जिलों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश और वज्रपात भी हुआ। लोगों को तपती गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। रांची में करीब 60 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा से भारी नुकसान हुआ है। शहर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में 20 स्थानों पर विशाल पेड़ गिर गए। बिजली के पोल हवा में लहराते हुए जमीन पर बिखर गए। सबसे खराब स्थिति नामकुम स्थित हाइटेंशन मैदान में लगे झारखंड फन पार्क (मेला) की हो गई। मेला में लगे 50 फीट ऊंचा टॉवर झूला हवा में लहराते हुए टूटकर नीचे लगे ब्रेक डांस झूला पर गिर पड़ा। मेला परिसर में लगी करीब 15 दुकानों की छत उड़ गई। इससे आयोजकों को करीब पांच लाख रुपए का नुकसान हुआ। हालांकि, मेले का समय 5 बजे से होने की वजह से लोगों की भीड़ नहीं थी। मेला के समय यह दुर्घटना होती तो बड़ा हादसा हो जाता। नामकुम इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थित नेशनल प्रिंटिंग प्रेस की चदरा की छत उड़ गई। बिजली के तारों पर पेड़ और पोल गिरने से शहर की बिजली आपूर्ति और जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर की बड़ी आबादी को 10 घंटे तक बिजली नहीं मिली। दर्जनों मुहल्लों में रात भर बिजली गुल रही। घर का इन्वर्टर भी जवाब दे गया तो मोमबत्ती के सहारे लोगों ने जरुरी काम किए। मोटर नहीं चलने से घर में पीने का पानी तक समाप्त हो गया। दूसरी ओर रूक्का प्लांट में पावर कट और वोल्टेज की समस्या होने से मोटर नहीं चल पाया। इस वजह से रूक्का प्लांट से जलापूर्ति नहीं हुई। टाउन लाइन प्रभावित होने से करीब चार लाख लोगों को पानी नहीं मिला। मौसम विभाग ने सोमवार को भी आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज भी आंधी-बारिश मौसम विभाग ने 19 मई को गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। इस दौरान रांची सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश होगी। मौसम विभाग ने ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। 20 से 24 मई के बीच हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश और तेज हवा चलेगी। रामगढ़ में सबसे अधिक 28.5 एमएम बारिश, रांची में 24.8 एमएम, राजधानी में 1.7 डिग्री तक गिरा पारा मौसम में बदलाव होते ही गर्मी का सितम कम हो गया। रामगढ़ में सबसे अधिक 28.5 एमएम बारिश हुई। रांची में 24.8 एमएम, बोकारो में 4.5 एमएम, हजारीबाग में 9.5 एमएम, खूंटी में 1.5 एमएम, लोहरदगा में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से तापमान में भी जबर्दस्त गिरावट आई। रांची में दिन का पारा 1.7 डिग्री गिरकर 35.8 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 3.2 डिग्री गिरकर 22.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तेज आंधी-पानी में कई जगह बिजली के तारों पर गिरे पेड़ के डाल, कई इलाकों में घंटों बाधित रही बिजली रविवार को रांची में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। आंधी इतनी तेज चली और बारिश इतनी जोरदार हुई कि कई इलाकों में पेड़ गिर गए। बिजली के तारों पर पेड़ की बड़ी-बड़ी डालियां गिर गईं। इस वजह से बिजली व्यवस्था कई इलाकों में रविवार को ध्वस्त हो गई। इस दौरान पूरे शहर में करीब छह घंटे बिजली गुल रही। देर रात तक बारिश व तेज आंधी की वजह से बिजली का आना-जाना लगा रहा। ईएसआईसी अस्पताल के पास झोपड़ीनुमा होटल पर गिरा पेड़ रविवार को हुई आंधी-बारिश में लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ईएसआईसी अस्पताल के बगल में एक झोपड़ीनुमा होटल पर पेड़ गिर गया, जो पूरी तरह बर्बाद हो गया। चुटिया और आसपास के इलाकों में बिजली के तारों पर पेड़ों की डालियां गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गयी। इसके कारण चुटिया के कृष्णापुरी में 10 घंटे तक बिजली गुल रही। कोकर में 5 घंटे, कांटाटोली 8 घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली नहीं रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग बिजली का इंतजार करते दिखे। सड़कों पर भरा कीचड़, घरों में घुसा नाले का पानी तेज हवा के साथ दोपहर 1.30 बजे हुई झमाझम बारिश से पूरा शहर तर बतर हो गया। 100 से अधिक मुहल्लों में जल जमाव हो गया। दर्जनों मुहल्लों के घरों में नाले का गंदा पानी प्रवेश कर गया। मानसून से पहले घंटे भर में मात्र 25 एमएम बारिश में ही शहर की नारकीय स्थिति हो गई। इससे नगर निगम की सफाई की सच्चाई उजागर हो गई। सड़कों पर कचरा- कीचड़ जमा होने से लोगों का पैचलना मुश्किल हो गया। मधुकम इरगू टोली रोड, लोअर वर्द्धमान कंपाउंड रोड, स्वर्ण जयंती नगर रोड, मोरहाबादी, बड़ा तालाब औघड़ बाबा आश्रम के पीछे, इन्द्रपुरी, कांके रोड, कचहरी रोड में जल जमाव से वाहनों की रफ्तार थम गई। खोरहा टोली में बिजली के सात पोल गिरे, बिजली के साथ सड़क भी बाधित रविवार को तेज आंधी में खोरहा टोली कोकर में बिजली के सात पोल गिर गए। पोल गिरने से बिजली आपूर्ति तो ठप हुई ही, सड़क भी बाधित हो गई। इसके अलावा चुटिया क्षेत्र में ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, प्रगति गार्डन, सामलौंग, प्रगति पथ में दिन के दो बजे लेकर रात के 8 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। एचईसी सेक्टर-3 में भी दो बजे से रात 8 बजे तक बिजली कटी रही। बिजली कटे रहने से रात में लोगों को काफी परेशानी हुई। क्योंकि रविवार को छुट्टी का दिन होने से लोग घरों में थे। वहीं दिन के 2 बजे से आंधी व बारिश होने लगी। जिससे लोग घर के बाहर भी नहीं निकल पाए। घर में बिजली नहीं रहने से अधिकतर लोगों की रविवार की छुट्टी बेकार हो गई। मेले में झूला गिरा, कार पर गिरा पेड़, प्रिंटिंग प्रेस की छत उड़ी, भींगी किताबें आंधी-तूफान से नामकुम में काफी नुकसान रांची में 20 से अधिक पेड़ गिरे, दर्जनों घर-दुकान की छत उड़ी कचहरी रोड में भारी जलजमाव से चलना मुश्किल लोअर चुटिया लोटा फैक्ट्री के पास एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसके नीचे खड़ी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में किसी के नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। नालियों के जाम होने से लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया। लोग घर से पानी निकालने में मशक्कत करते हुए दिखे। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित नेशनल प्रिंटिंग प्रेस की शीट की छत उड़ गई। प्रेस में 14 जिले में सप्लाई करने के लिए 12वीं की किताबें छापी जा रही थीं। प्रेस के कर्मियों के अनुसार, इसी सप्ताह किताबें सप्लाई होनी थी, लेकिन आंधी-तूफान में हुए नुकसान की वजह से सप्लाई में अब थोड़ा विलंब हो सकता है। दुर्गा सोरेन चौक पर तेज आंधी में काफी तबाही हुई। यहां एक मेला लगा हुआ है, जिसमें एक बड़ा वाला टावर झूला आंधी में धराशायी हो गया। दुकानों के टेंट उड़ गए। इलाके में काफी देर तक बिजली भी बाधित रही।


