मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, काटने और सुधार की प्रक्रिया का 23 जनवरी आखिरी दिन है। इसी बीच कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर सुनियोजित तरीके से वोटर लिस्ट से नाम कटवाने की साजिश का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि सिर्फ 10 दिनों में करीब 11 लाख वोटरों के नाम काटने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 उपलब्ध कराए गए हैं। आरोप है कि इन फॉर्मों का इस्तेमाल विशेष रूप से एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक को मतदाता सूची से बाहर करने के लिए किया जा रहा है। प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 पर सवाल जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- “बीजेपी चुनाव हारने के डर से अब मैदान में नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट में खेल कर रही है। बिना आवेदक के नाम और हस्ताक्षर वाले प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण हैं। SC, ST, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के मताधिकार को छीनने की यह एक सोची-समझी साजिश है।” जीतू पटवारी ने आगे कहा- अगर चुनाव आयोग ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों से लेकर न्यायालय तक इस मुद्दे को ले जाएगी। हम एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से कटने नहीं देंगे। चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि- एक व्यक्ति ने दी 25-25 आपत्तियां पटवारी ने आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार फॉर्म-7 के तहत एक व्यक्ति केवल एक ही आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-एक व्यक्ति द्वारा 25-25 आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि इसके प्रमाण निर्वाचन आयोग को सौंप दिए गए हैं। BLO को सख्त चेतावनी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी बूथ पर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित BLO के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। पटवारी ने कहा, “यदि आपने भाजपा के दबाव में आकर नाम अवैध तरीके से जोड़े या काटे, तो पुलिस कार्रवाई होगी। आपके लिए भाजपा के लोग हथेली लगाने नहीं आएंगे।” उन्होंने कहा कि कुछ BLO ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिससे उनकी पूरी सर्विस रिकॉर्ड (CR) खराब हो सकती है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी BLO का काम कर रहे हैं और यदि भाजपा के लिए काम किया गया तो थाने और जेल तय हैं। फर्जी आपत्तियों का भी आरोप पटवारी ने नया आरोप लगाते हुए कहा कि कई मतदाताओं को इसकी जानकारी तक नहीं है और उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। यह खासतौर पर अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहा है। उन्होंने कहा, “वोट चोरी करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है।” मंत्री विश्वास सारंग पर भी सवाल पटवारी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री विश्वास सारंग बीता चुनाव हार चुके थे। उनकी सीट और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों से करीब एक-एक लाख वोट कम हुए हैं, जहां जीत-हार का अंतर इतना ही रहता है। उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की गई है कि इन गड़बड़ियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।


