राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग मामले में 10 लाख के इनामी नक्सली राम दयाल महतो उर्फ बच्चन को रिमांड पर लिया है। रामदयाल मूल रूप से गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र के पिपराडीह का रहने वाला है। उसने अगस्त 2024 में गिरिडीह में सरेंडर किया था। एनआईए इनसे कुछ बड़े नक्सलियों के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। इससे पूर्व एनआईए ने बिहार के जमुई के इनामी नक्सली अभिजीत कोड़ा को रिमांड पर लिया था। एनआईए को जानकारी मिली है कि ये दोनों ही नक्सली पारसनाथ जोन में सक्रिय रहे हैं। इसलिए इनसे वर्तमान में फरार बड़े नक्सलियों, एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी, अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख के इनामी चमन उर्फ लंबू, अजय महतो उर्फ टाइगर व कृष्णा हांसदा के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। क्योंकि ये दोनों इन बड़े नक्सलियों के करीबी रहे हैं। रिमांड पर लिए गए रामदयाल महतो से एनआईए 21 दिसंबर तक पूछताछ करेगी। माओवादियों के जोनल कमांडर रहे दस लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो उर्फ बच्चन दा को उसके बेटे ने ही आत्मसमर्पण करवाया था। रामदयाल माओवादी संगठन में सक्रिय रहा था। पारसनाथ क्षेत्र में सक्रिय रहे 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली कृष्णा हांसदा की गिरफ्तारी के बाद रामदयाल ने ही संगठन की कमान संभाल रखी थी। उस पर पीरटांड़, निमियाघाट, मधुबन, डुमरी, टुंडी सहित कई इलाकों के विभिन्न थानों में 75 से अधिक मामले दर्ज हैं।


