’10 साल पहले कॉलेज आने-जाने के दौरान गीता की गिरजा शंकर से मुलाकात हुई थी। गिरिजा की छवि खराब होने के चलते उससे कोई बात नहीं करता था। बहन को भी मना करते थे। लेकिन गीता कहती थी दूसरों से क्या लेना देना, मुझसे सही से बात करता है। इसके बाद उसी के साथ रहने लगी। गिरजा शंकर ही मेरी बहन का हत्यारा है। गीता के नाम पर एक करोड़ रुपए का बीमा था, जिसमें नॉमिनी गिरिजा शंकर था। यह हत्या बीमा राशि को हड़पने के लिए की गई है।’ ये कहना है गीता के भाई लालचंद का। उन्होंने बताया, गीता लखनऊ में गिरजा के साथ प्रॉपर्टी का काम करती थी। गिरजा परिवार में किसी को पसंद नहीं था, इसलिए बातचीत भी कम ही होती थी। गीता भी घर कम ही आती थी, लेकिन हालचाल मिल जाता था। पहले जानते हैं पूरा मामला
पीजीआई इलाके में शुक्रवार सुबह डिफेंस एक्सपो मैदान के पास एक महिला घायल अवस्था में सड़क पर पड़ी मिली। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की पहचान रायबरेली निवासी गीता शर्मा (30) के रूप में हुई। लखनऊ के नीलगिरी अपार्टमेंट में लिव-इन में रहती थी। महिला के सिर और शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी एंटी मार्टम चोंटे आई हैं। शनिवार को पुलिस ने आरोप और शक के आधार पर गिरजा शंकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। भाई बोला- गिरजा ने सच्चाई छिपाई लालचंद ने बताया, हमारा पूरा परिवार मटिहा कोतवाली रायबरेली में रहता है। घर से आधा किलोमीटर दूर गिरजा शंकर का घर है। गीता ने बीए तक की पढ़ाई की थी। कॉलेज आने-जाने के दौरान गीता की गिरजा से मुलाकात हुई। बातचीत बढ़ी, फिर गिरजा, गीता को लेकर लखनऊ आ गया। दोनों साथ रहने लगे। गिरजा को परिवार में कोई पसंद नहीं करता था, इसलिए बात भी कम ही होती थी। लेकिन मुझसे गीता और गिरजा की अक्सर बात होती रहती थी। गीता से अंतिम बातचीत डेढ़ महीने पहले हुई थी। गिरिजा भी कभी-कभार कॉल कर लेता था। इससे हालचाल मिल जाता। गिरजा ने कहा- तुम्हारी बहन मर गई शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे गिरिजा ने अज्ञात नंबर से फोन किया और बताया कि गीता का एक्सीडेंट हो गया है। कुछ देर बाद अपनी सफारी से रायबरेली वाले घर पर आ गया। मैं लखनऊ के लिए घर से निकलने ही वाला था। तभी मेरे पास पहुंचा और गाड़ी में बैठाकर बोला कि गीता की एक्सीडेंट में मौत हो गई। जबकि गिरजा के मौत की बात बताने से पहले पुलिस का फोन आया था, बताया कि लखनऊ आ जाओ, पीजीआई में गीता का इलाज चल रहा है। इस पर शक हुआ कि गिरिजा को गीता के मरने के बारे में पहले से कैसे पता है। घटना के कुछ ही घंटों में वो रायबरेली कैसे पहुंच गया। एक गैराज पर बनवाई सफारी लालचंद ने बताया, गिरजा शंकर ने कहा कि एक गाड़ी बुला रहे हैं उससे लखनऊ चलेंगे। इसके बाद घर के सामने त्रिपला चौराहे पर गया और अपनी सफारी में कुछ काम करवाने लगा। पूछने पर पहले कहा कि बैलेंसिंग खराब हो गई है, फिर बोला कि मोबिल बदलवा रहे हैं। तब तक दूसरी गाड़ी स्कॉर्पियो आ गई। गिरिजा की गतिविधि संदिग्ध होने की वजह से मुझे डर लग रहा था। इस पर मैंने अपने साले को भी बुला लिया। साले के साथ स्कॉर्पियो से लखनऊ के लिए निकला। गिरजा से साथ चलने को कहा तो बोला की आप लोग चलो, मैं आ रहा हूं। पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में गीता का शव रखा था। तभी गिरजा का फोन आया, कहा कि केजीएमयू के ट्रॉमा पहुंचो, पोस्टमॉर्टम वहीं होगा। हम लोग केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। स्कॉर्पियो का ड्राइवर हम लोगों को वहीं छोड़ कर चला गया। कुछ देर बाद गिरजा भी अपनी सफारी गाड़ी से लखनऊ पहुंचा। पीजीआई इलाके में गाड़ी खड़ी कर दी। फिर उसी स्कॉर्पियो से पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा। जितनी बार घटना के बारे में पूछा गया, उतनी बार कुछ नया ही बताता था। गीता के नाम से खरीदी गई होंडा सिटी गायब
लालचंद ने बताया कि गीता ने दो साल पहले होंडा सिटी खरीदी थी। उसके बारे में पूछा गया तो बोलने लगा कि लड़ गई थी। फिर बताया कि गीता ने बेच दी। दोनों में पैसों के लेनदेने को लेकर भी विवाद था। गिरजा ने गाड़ी बेचकर पैसे हड़प लिए। इसके अलावा एक करोड़ रुपए इंश्योरेंस के पैसे हड़पने के लिए हत्या कर दी। जिसे हादसा दिखाने में लगा था। गिरजा ने की थी दो शादी
लालचंद ने बताया, गिरजा ने दो शादी की थी। पहली से तलाक हो गया था। बाद में दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी रायबरेली में रहती है। जबकि लखनऊ में गीता के साथ रहता था। गीता से भी शादी की करने की बात पिछले कई सालों से कह रहा था लेकिन शादी नहीं कर रहा था। जबकि गीता शादी के लिए दबाव डाल रही थी। लालचंद ने बताया कि बहन जिस अपार्टमेंट में रह रही थी वह रेंट पर था या खरीदा था, यह जांच होने पर ही पता चल सकेगा। …………………………….. इस खबर को भी पढ़ें… लखनऊ में भतीजे ने की थी चाची-बहन की हत्या:15 दिन से बातचीत बंद थी, लॉकडाउन के समय से चल रहा था प्रेम संबंध लखनऊ में 16 जनवरी को मलिहाबाद में हुई मां-बेटी की हत्या का भतीजे ने की थी। भतीजे का चाची के साथ प्रेम प्रसंग था। वह उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जबकि भतीजा शादी नहीं करना चाहता था। इसी के चलते भतीजे ने घर में घुसकर मां-बेटी की हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर…


