भास्कर न्यूज | लुधियाना विदेश भेजने का झांसा देकर 10 साल पहले लिए गए एक युवक के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर 90 करोड़ रुपए की फर्जी जीएसटी बिलिंग का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने का मामला सामने आया है। वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में जीएसटी जांच के दौरान शुरू हुई पड़ताल लुधियाना के चेत सिंह नगर तक पहुंच गई। यूपी स्टेट टैक्स विभाग की शिकायत पर चेतगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, M/s सोहन एंटरप्राइजेज नाम से फर्जी कंपनी बनाकर करीब 90.25 करोड़ रुपए के फर्जी बिल जारी किए गए और करीब 2.70 करोड़ रुपए का टैक्स लाभ लिया गया। जांच में सामने आया कि कंपनी सिर्फ कागजों पर थी और बताए गए पते पर कोई कार्यालय संचालित नहीं हो रहा था। जांच के दौरान फर्जी बिलिंग का आईपी एड्रेस लुधियाना के चेत सिंह नगर स्थित एक किराए के दफ्तर का मिला। पुलिस जांच में सामने आया कि मकान मालिक शुभम शर्मा ने मकान हरविंदर सिंह को किराए पर दिया था, जिसे बाद में नियमों के विपरीत संदीप सिंह को सबलेट कर दिया गया। यूपी पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के लिए अदालत से सर्च वारंट हासिल किया था, लेकिन तलाशी से पहले ही सेशन कोर्ट ने वारंट पर रोक लगा दी। अब मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त 2026 को होगी। जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू आधार कार्ड से जुड़ा है। जगराओं निवासी हरविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब 10 वर्ष पहले कुछ लोग विदेश भेजने का झांसा देकर उसका आधार कार्ड ले गए थे और अगले दिन वापस कर दिया था। अब जिस आधार की प्रति किरायानामे में इस्तेमाल हुई, उसमें नाम और आधार नंबर उसका है, लेकिन फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की लगी हुई है। हरविंदर का दावा है कि वह कभी चेत सिंह नगर नहीं गया और न ही उसने वहां कोई मकान किराए पर लिया। दैनिक भास्कर की टीम जब चेत सिंह नगर स्थित पते पर पहुंची तो दफ्तर बंद मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन-चार दिन पहले कुछ लोग रात के समय छत के रास्ते सामान निकालकर ले गए थे। इस बीच कानूनी सवाल भी खड़े हो गए हैं। जिस हरविंदर सिंह का आधार कथित रूप से फर्जी तरीके से इस्तेमाल हुआ, यदि वही किरायेदार नहीं है तो फिर सेशन कोर्ट में सर्च वारंट पर रोक के लिए याचिका किस हरविंदर सिंह ने दायर की? इस पहलू की भी जांच की मांग उठ रही है। वहीं, यूपी पुलिस का कहना है कि आधार नंबर असली हरविंदर का है, लेकिन फोटो बदली गई है और पूरे फर्जीवाड़े की कड़ियां जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई जारी है।


