10 साल बाद बड़ा बदलाव : बीएड का 1 वर्षीय कोर्स फिर शुरू

लुधियाना। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीईटी) ने 10 साल बाद एक साल के बीएड पाठ्यक्रम को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। हाल ही में एनसीटीई की गवर्निंग बॉडी की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। यह कोर्स केवल उन उम्मीदवारों के लिए होगा जिन्होंने चार साल का ग्रेजुएशन प्रोग्राम या पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया है। एक वर्षीय बीएड कोर्स में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। चार वर्षीय ग्रेजुएशन प्रोग्राम पूरा किया हो। पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री धारक भी इसके लिए पात्र होंगे। इस कोर्स को फिर से शुरू करने का उद्देश्य छात्रों का समय बचाना और उन्हें तेजी से टीचिंग सेक्टर में शामिल करना है। एनसीटीई ने दो वर्षीय बीएड कोर्स की मान्यता 2024 से बंद कर दी है और इसे 2030 तक पूरी तरह समाप्त करने की योजना बनाई है। फिलहाल, देशभर के कॉलेजों में दो वर्षीय बीएड कोर्स चल रहा है, लेकिन 1 वर्षीय पाठ्यक्रम की वापसी से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को अपने फैसले में कहा था कि केवल बीटीसी डिप्लोमा धारक ही प्राइमरी कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) को पढ़ाने के पात्र होंगे। बीएड डिग्री धारक को सिर्फ कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने की अनुमति दी गई है। हाल ही में उच्च शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब एमटेक और एमई डिग्री वाले उम्मीदवार नेट परीक्षा के बिना भी आवेदन कर सकते हैं।

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