10 साल सरपंच रहा, फिल्मों की तरह गाड़ियां बदलकर स्मगलिंग:पेट्रोल पंप लगाया, करोड़ों का मार्केट-घर बनाया, प्रॉपर्टी किसी और के नाम पर, पार्ट-2

दैनिक भास्कर एप की स्पेशल सीरीज नशे के सौदागर के पार्ट-1 में आपने पढ़ी 28 साल के सोहैल लाला की कहानी। पार्ट-2 में आज किस्सा भगवान सिंह धाकड़ का। 10 साल तक इलाके में ‘सरपंच’ और ‘नेताजी’ के नाम से पैठ रखने वाला भगवान सिंह राजस्थान, एमपी सहित कई राज्यों में स्मैक तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। फिल्मों की तरह गाड़ियां बदलकर तस्करी करता। स्मगलिंग की कमाई से करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी बनाई। पेट्रोल पंप बनाया। मेन रोड पर मार्केट खड़ा कर दिया। भगवान सिंह नशे का ये कारोबार अपने एक खास भरोसेमंद के नाम से चला रहा था। भगवान सिंह दो बार झालावाड़ जिले की चेस्लाव ग्राम पंचायत का सरपंच रहा। हाल में झालावाड़ पुलिस के ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत भगवान सिंह धाकड़ की 12 करोड़ 57 लाख की प्रॉपर्टी फ्रीज कर दी गई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भगवान सिंह सुनैल थाने के पाऊखेडी गांव का रहने वाला है। उसके 5 भाई और एक बहन है। सभी शादीशुदा हैं। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। भगवान के एक बेटा दीपक और बेटी ज्योति है। दीपक की शादी हो चुकी है। 10 साल से भगवान सिंह अपने परिवार सहित गांव छोड़कर सुनैल कस्बे में रह रहा है। भगवान सिंह ने एक आलीशान मकान सुनैल कस्बे के बस स्टेशन रोड पर बना रखा है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि भगवान सिंह का ससुराल भवानीमंडी से लगते मध्य प्रदेश वाले हिस्से में विशोदा मंडी में रेलवे स्टेशन के पास है। वहीं इकबाल खान का मकान था, जो ड्राइवर था। भगवान सिंह ससुराल जाता तो इकबाल ही किराए पर गाड़ी से उसके परिवार को मंदिर लेकर जाता था। भगवान स्मैक की तस्करी करता ही था, उसे पता चला कि इकबाल भी स्मैक का धंधा करता है। दोनों में दोस्ती हो गई। साल 2004-2005 में एक दिन इकबाल भगवतीपुरा के मानसिंह से अवैध स्मैक लेकर टाटा सूमो से लखनऊ सप्लाई लेकर गया था। लखनऊ पुलिस ने इकबाल को पकड़ लिया। 2 साल इकबाल जेल में रहा। लखनऊ के तस्कर कय्यूम हाजी से जुड़ा
इन दो सालों में भगवान सिंह कई बार इकबाल से मिलने जेल गया। इसी दौरान इकबाल ने भगवान सिंह को बताया कि लखनऊ के सबसे बड़े स्मैक तस्कर कय्यूम हाजी से ही उसका कॉन्टैक्ट है। वो कय्यूम के सहारे ही स्मैक तस्करी का धंधा कर रहा है। इसके बाद भगवान सिंह कय्यूम हाजी से मिला। दोनों में स्मैक तस्करी को लेकर डील हो गई। कय्यूम से जुड़कर भगवान सिंह काफी रुपया कमा चुका था। अब भगवान राजनीति में भी अपना दबदबा बनाना चाहता था। ऐसे में सरपंच का चुनाव लड़ा। 2 बार लगातार चसालाव ग्राम पंचायत का सरपंच भी रहा। इसके बाद उसने तस्करी की कमाई से सुनैल के पास जय कृष्णा नाम से एक पेट्रोल पंप अपने दूर के रिश्तेदार चौथमल धाकड़ के नाम से पार्टनरशिप में खोला। कृष्णा भगवान की पत्नी का नाम था। भगवान ने तस्करी के लिए नेक्सॉन कार भी खरीदी। ये कार भी उसने चौथमल धाकड़ के नाम से रजिस्टर्ड कराई। झारखंड के स्मैक डीलर के साथ किया सौदा
भगवान सिंह के पेट्रोल पंप पर एमपी का भरत उर्फ भारत नागर सेल्समैन था। भगवान स्मैक तस्करी के दौरान कार चलाने के लिए भरत को साथ ले जाता। धीरे-धीरे उसने भरत को भी इकबाल के साथ स्मैक की तस्करी में शामिल कर लिया। भरत का ससुराल बिहार में था। उसने भगवान को बताया कि बिहार में एक बड़ा तस्कर है। जितनी स्मैक हमें चाहिए, सप्लाई कर देगा। दिसंबर 2022 में भगवान भरत के साथ झारखंड के रहने वाले विश्वेश्वर यादव नाम के इस आदमी से मिलने कानपुर गया। भगवान सिंह ने उससे एक किलो स्मैक खरीदने का सौदा किया। इसके डेढ़ महीने बाद भगवान सिंह ने भरत और इकबाल को अपनी कार देकर कानपुर में एक टोल पर विश्वेश्वर और बबलू नाम के आदमी से मिलने और गाड़ी बदलकर लाने के लिए कहा। दोनों को खर्चे के लिए 20 हजार रुपए भी दिए। भरत-इकबाल ने कानपुर टोल पर विश्वेश्वर को भगवान की नेक्सॉन कार दी और उससे स्विफ्ट कार लेकर भगवान को ला दी। भगवान सिंह कार को लेकर स्मैक डिलीवरी देने चला गया। भगवान सिंह को तगड़ा मुनाफा हुआ। 15-20 दिन बाद उसने भरत व इकबाल को वापस कार बदलकर स्मैक लाने के लिए विश्वेश्वर के पास कानपुर भेजा। इस बार भी कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। इन दोनों ट्रिप से भगवान सिंह को बढ़िया कमाई मिली। 2023 में गिरफ्तार, फिलहाल जमानत पर बाहर
कुछ दिन बाद दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्मैक सप्लायर विश्वेश्वर यादव को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस ने उसके पास से भगवान की नेक्सॉन कार भी जब्त कर ली। भगवान और विश्वेश्वर की स्मैक खरीद-फरोख्त का काम बंद हो गया। इधर भगवान सिंह के पास स्मैक की डिमांड बढ़ती जा रही थी। इसके बाद भगवान सिंह ने अपने पुराने कॉन्टैक्ट हाजी कय्यूम से स्मैक खरीदने को लेकर डील फाइनल की। भरत व इकबाल को 5 जुलाई 2023 को हाजी कयूम से स्मैक लाने विश्वेश्वर की स्विफ्ट कार से लखनऊ भेजा। दोनों हाजी कय्यूम से वो 3 किलो 600 ग्राम स्मैक लेकर वापस रवाना हो गए। रास्ते में 6 जुलाई को इकबाल और भरत के मोबाइल बंद हो गए। भगवान समझ गया था कि वो दोनों पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। ऐसे में भगवान सिंह भी घर से फरार हो गया। अगले दिन आस-पड़ोस में सभी लोगो को खाटूश्यामजी जाने का बोलकर अपने परिवार को भी रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए कह दिया। अपना मोबाइल तोड़कर फेंक दिया और एक दूसरा फोन खरीदकर उसमें नई सिम डाल ली। इसके बाद 3 महीने तक भगवान सिंह पुलिस से छिपता रहा। आखिर 13 अक्टूबर 2023 को वह छिपते-छिपाते किसी काम से सुनैल में अपने घर पहुंचा तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल भगवान सिंह जमानत पर बाहर है। 12 करोड़ 57 लाख की प्रॉपर्टी हुई फ्रीज
भगवान सिंह ने तस्करी की कमाई से सुनैल कस्बे की मेन रोड पर मकान-मार्केट बना लिया था। उसने एक पेट्रोल पंप भी लगा लिया था। पेट्रोल पंप उसने डमी तौर पर अपने रिश्तेदार के नाम से किया हुआ था। जांच के बाद पुलिस ने 12 करोड़ 57 लाख 17 हजार 18 रुपए की कीमत के उसके मकान-मार्केट, पेट्रोल पंप और एक एक्टिवा स्कूटी को फ्रीज कर दिया है। वहीं इस दौरान उसकी दो कार भी जब्त की गई है। एसपी अमित बुढ़ानिया ने बताया कि हमने फ्रीजिंग की सारी कार्रवाई नियमानुसार की है। कोर्ट का भी एप्रूवल मिल गया है। नशा तस्करों के खिलाफ सिर्फ थाना पुलिस बल्कि एक डेडिकेटेड पुलिस टीम भी लगातार काम कर रही है। पार्ट 3 में कल पढ़िए : 12वीं पास स्मगलर का 7.5 करोड़ का आलीशान बंगला : नाबालिगों से कराता स्मैक सप्लाई, पुलिस पकड़ने पहुंची तो हमला करवाकर भागा रील्स में बंदूकों-गाड़ियों की नुमाइश करने वाला स्मगलर:7वीं पास सोहैल का 3 राज्यों में नशे का नेटवर्क, करोड़ों की प्रॉपर्टी, अब जेल में, पार्ट-1

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