टोंक जिले में महिला अधिकारिता विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय अमृता हाट बाजार की सोमवार शाम से शुरुआत हो गई। कलेक्ट्रेट परिसर में लगे इस हाट में स्वदेशी उत्पादों की रौनक देखने को मिली। जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, पूर्व सभापति लक्ष्मी जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका और अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौकरिया ने मेले का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने हाट बाजार का भ्रमण किया और स्टॉलों पर सजे स्वदेशी उत्पादों की खरीद के लिए आमजन को प्रेरित किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को स्कूटियां वितरित की गईं, जिससे माहौल भावनात्मक और उत्साहपूर्ण रहा। महिला उद्यमिता को मिला मंच महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक मैरिंगटन सोनी ने अतिथियों का स्वागत बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ संदेश से सुसज्जित पौधों और शॉल भेंट कर किया। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने कहा कि अमृता हाट जैसे आयोजन महिलाओं को उत्पादन से लेकर विपणन तक का प्रत्यक्ष अनुभव देते हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ती है, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भी मजबूत होता है। स्वदेशी अपनाने का संदेश बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने हाट बाजार को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाओ के आह्वान को जमीन पर उतारने में ऐसे आयोजन अहम भूमिका निभाते हैं और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा होते हैं। 41 स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद एक छत के नीचे अमृता हाट में राजस्थान के विभिन्न जिलों से 41 महिला स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं। यहां- जैसे उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। दूरस्थ पंचायतों की महिलाओं को पहचान उल्लेखनीय है कि अमृता SHG हाट का आयोजन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित मूल्य संवर्धित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाता है। राज्य और संभाग स्तर पर सफल आयोजन के बाद वर्ष 2016-17 से जिला स्तर पर भी यह पहल जारी है, जो दूरस्थ पंचायतों की महिलाओं को पहचान और स्थायी रोजगार देने में प्रभावी साबित हो रही है।


