100 कलाकारों ने 7 घंटे तक दी लोक संगीत प्रस्तुति:विधायक बोले-रोहिड़ी के धोरों और कलाकारों को विश्व पटल पर लाने की जरूरत

बाड़मेर जिले के शिव में युवा दिवस पर “रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल” प्रोग्राम का आयोजन किया गया। रात करीब 10 बजे तक पद्श्री अनवर खान, मोती खान, खेता खान, छोटू खान जैसे दिग्गज कलाकारों समेत से 100 से अधिक कलाकारों ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी गायकी ने राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर दिया। इस प्रोग्राम कई प्रतिष्ठित संतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन किया गया। दरअसल, विवेकानंद जयंती के अवसर पर रविवार को शिव के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की ओर आयोजित “रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल” ने पश्चिमी राजस्थान की कला और संस्कृति को नए आयाम दिए। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल क्षेत्रीय लोक-संस्कृति को मंच प्रदान किया, बल्कि हज़ारों की संख्या में आए दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस प्रोग्राम का उद्देश्य है कि यहां के कलाकारों को प्रमोट कर सकें। उनको और उनकी आवाज को सात समंदर पार कैसे ले सके। यहां पर पर्यटन को कैसे बढ़ा सके। इसको लेकर छोटा प्रयास है। समस्त कलाकारों और यहां की देवी तुल्य जनता ने बढ-चढ़कर हिस्सा लिया। रोहिड़ी गांव में करवाने का मकसद इतना था कि वहां के रेतीलें धोरों को विश्व पटल पर लाने की जरूरत थी।। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह देश का आखिरी नहीं पहला गांव है। उस गांव पहला गांव बताने के लिए और शांत बॉर्डर को एक्सपार्लर करने का प्रयास किया। किसी कारण से परमिशन नहीं मिली। यहां के कलाकारों को आगे लाना था इसके लिए प्रयास किए। अपने संबोधन में रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा, “यह कार्यक्रम केवल हमारी कला और संस्कृति का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी परंपरा, विरासत और पर्यटन को नई ऊंचाई देने का माध्यम है। रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल ने यह साबित कर दिया कि पश्चिमी राजस्थान के पास न केवल समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि उसे पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की अपार संभावनाएं भी हैं। इस आयोजन ने कला, संस्कृति और पर्यटन के समन्वय का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनेगा। संत समाज की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा कार्यक्रम में संत समाज के पूज्य गोरखनाथ महाराज, गणेश नाथ महाराज, दौलत नाथ, आनंद पूरी महाराज सहित कई प्रतिष्ठित संतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की महत्ता बढ़ाई। यह उनकी उपस्थिति का ही परिणाम था कि यह संगीत महोत्सव आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम बन गया। विकट परिस्थितियों में भी हुआ सफल आयोजन प्रारंभिक रूप से इस महोत्सव का आयोजन रोहिड़ी में किया जाना था, लेकिन प्रशासन द्वारा आखिरी समय में इसकी अनुमति रद्द कर दी गई। इसके बावजूद, मात्र दो दिनों के भीतर रविन्द्र सिंह भाटी और उनकी टीम ने अद्भुत समर्पण और प्रबंधन कौशल का परिचय देते हुए मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, शिव में आयोजन की अनुमति लेकर पूरे कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कीं। यह आयोजन साबित करता है कि जब संकल्प दृढ़ हो और इरादे नेक हों, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। जनसैलाब और पर्यटन को बढ़ावा राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए हज़ारों लोगों ने इस आयोजन को सफल बनाया। यह महज एक संगीत समारोह नहीं था, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर ले जाने और बाड़मेर क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन देने की अनूठी पहल थी। अनूठे स्वागत और विशेष आकर्षण कार्यक्रम के दौरान 36 फीट लंबी मूंछों के लिए प्रसिद्ध जगमाल सिंह ने विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का अनोखे अंदाज़ में अपनी मूंछों से स्वागत किया। यह क्षण दर्शकों के लिए बेहद खास और यादगार बन गया।

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