भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में चुनाव आयोग का एसआईआर का कार्य जारी है। वर्तमान में आयोग ने प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की है। लेकिन, पूर्व से एसआईआर में शामिल होने के लिए 13 प्रकार के दस्तावेज तय किया गया। इसमें जन्म प्रमाण पत्र भी शामिल है। लेकिन जिले में कई लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। ऐसे स्थिति में जन्म प्रमाण पत्र बनाने ये लोग आवेदन किए है। जन्म प्रमाण पत्र बनाने होड़ की से 3 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। दरअसल 2008 के पूर्व तक जन्म संबंधित जानकारी कोटवार के माध्यम से थाना में जमा किया जाता था। अब जिले के सभी थानों की कॉपी कलेक्ट्रेट के योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में है। जन्म प्रमाण पत्र के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण कॉपी है, जिसके लिए लोग आवेदन किए हैं। योजना एवं सांख्यिकी विभाग से मिली जानकारी अनुसार इस साल एनओसी के लिए करीब 1500 आवेदन आए हैं। बीते साल इसकी संख्या 800 के करीब थी। पूरे जिले में बीते तीन साल में जन्म प्रमाण अंतर्गत वर्ष 2023 में 19 हजार 839 व 2024 में 19 हजार 225, इस वर्ष नवंबर 2025 तक 20 हजार 108 लोगों का जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ है। इसमें करीब 18 हजार जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल के माध्यम से निकाय व पंचायत से जारी हुए है। यही नियम निकाय क्षेत्र के लिए भी है जन्म प्रमाण पत्र बनाए की प्रक्रिया लंबी है। सबसे पहले योजना एवं सांख्यिकी विभाग से एनओसी लिया जाता है। कक्षा एक में पढ़ाई किए हुए स्कूल का दाखिल-खारिज कॉपी, ग्राम पंचायत का पंचनामा समेत अन्य दस्तावेज के साथ तहसील कोर्ट में आवेदन करना होता है। तहसील कोर्ट में सुनवाई बाद संबंधित क्षेत्र के ग्राम पंचायत सचिव द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। यही नियम जिले के निकाय क्षेत्र के लिए है। फिलहाल लोग जन्म प्रमाण पत्र बनवाने मशक्कत कर रहे हैँ।


