जमशेदपुर में जोहार ट्रस्ट और आदिवासी हो समाज महासभा पूर्वी सिंहभूम के तत्वाधान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन शुरू हो गया है। गोपाल मैदान में आयोजित यह महोत्सव 9 मार्च तक चलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी हो समुदाय की परंपरागत पूजा-अर्चना से हुई। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच से हमारी संस्कृति को नई पहचान मिलती है। महोत्सव में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र समेत 11 राज्यों के प्रतिनिधि और नृत्य दल शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में पारंपरिक गीत, संगीत, नृत्य और खेलकूद की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। मागे नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दो लाख ग्यारह हजार रुपए का पुरस्कार प्रतियोगिता में कुल पुरस्कार राशि दो लाख ग्यारह हजार रुपए है। विजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तियों को जोहार संस्था की ओर से सम्मानित किया जाएगा। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य हो समुदाय की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और उनकी परंपराओं को जीवंत रखना है। इसके साथ ही विभिन्न आदिवासी समुदायों के बीच सामाजिक एकता और मैत्री को बढ़ावा देना भी इस आयोजन का लक्ष्य है।


