महंगाई भत्ता सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने 29 दिसंबर से तीन दिन के हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कलम बंद- काम बंद हड़ताल से जिले के साथ ही प्रदेश भर में सभी शासकीय काम-काज प्रभावित होगा। अपने आंदोलन को लेकर फेडरेशन ने शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा है। हड़ताल में शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक सभी वर्ग के कर्मी शामिल होंगे। छग कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संभागीय अध्यक्ष कौशलेन्द्र पांडेय व जिला संयोजक कमलेश सोनी ने बताया कि डीए, वेतन विसंगति, कैश लेस उपचार सुविधा सहित 11 सूत्रीय लंबित मांगों के समाधान हेतु मोदी की गारंटी लागू करो अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय कलम बंद, काम बंद आंदोलन किया जा रहा है। अधिकारी से लेकर चतुर्थ वर्ग तक होंगे शामिल
आंदोलन के तहत 29 से 31 दिसम्बर तक चतुर्थ वर्ग से लेकर वर्ग एक तक के कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल से सभी कार्यालयों में तालाबंदी की नौबत आ जाएगी। स्कूलों का संचालन भी प्रभावित होगा। आंदोलन में शिक्षक संवर्ग के कर्मचारी भी शामिल होंगे। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने 2017 से महंगाई भत्ता को रोककर रखा है। वर्तमान सरकार ने अपने मोदी की गारंटी के घोषणा पत्र में वादा किया था। महंगाई भत्ता अब तक नहीं दिया गया है। जो महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है उसे भी देय तिथि से प्रदान नहीं किया जा रहा है। हमारे हक के पैसों को सरकार दूसरे जगह खर्च कर रही है। सरकार की हठधर्मिता के कारण हम तीसरे चरण का आंदोलन करने जा रहे है। संघ द्वारा डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित करने, चार स्तरीय समयमान वेतन मान देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल का ज्ञापन सौंपा है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी संघों से समर्थन भी लिया गया है।


