भास्कर न्यूज | जालंधर ईडी का डर दिखाकर एक स्मार्ट स्विच बनाने वाली कंपनी के मालिक मोनीश मल्होत्रा से 11.50 लाख रुपए जबरन वसूली के केस में ईडी में डेपुटेशन पर रहे इंस्पेक्टर रविंदर कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। रविंदर वर्तमान में जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क चेन्नई में सुपरिटेंडेंट थे। जीएसटी के कमिशनर ने आदेश जारी करते हुए कहा-रविंदर कुमार 23 मई 2019 से लेकर 16 दिसंबर 2022 तक ईडी में डेपुटेशन पर गए थे। उनकी तैनाती जालंधर में ईडी दफ्तर में इंस्पेक्टर के तौर पर हुई थी। आरोप था कि ईडी में तैनात के दौरान रविंदर कुमार ने कुछ लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर मोनीश मल्होत्रा को डर दिखा कर 11.50 लाख की ठगी की थी। थाना विजिलेंस ब्यूरो (जालंधर) में मॉडल हाउस के रहने वाले मोनीश की शिकायत पर 15 नंवबर 2023 को करप्शन एक्ट के साथ-साथ आ ईपीसी की धारा 384, 420 व 120बी के तहस केस दर्ज किया गया था। कोर्ट रविंदर का अरेस्ट वारंट जारी कर चुकी है और हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। बता दे कि 26 फरवरी 2022 को कॉल आई तो उन्हें लगा कर शिकायत सही है, । राजवीर के जरिये वह एक रेस्टोरेंट में रविंदर से मिले। रविंदर ने सलाह दी कि वह उनका केस खत्म कर देंगे, मगर सीए के जरिये जबाव फाइल करें। परमवीर ने कहा कि वह ईडी को डील नहीं करता तो उसने दूसरे सीए अर्शदीप से मुलाकात करवा दी। आरोप है कि एक साजिश के तहत केस से जुड़े बाकी आरोपी शिकायककर्ता से 7.50 लाख रुपए तो ईडी के रविंदर ने 4 लाख रुपए ऐंठ लिए। शिकायतकर्ता को इस बीच पता चला कि गगनदीप और राजवीर पड़ोसी हैं और एक साजिश के तहत जबरन वसूली की गई है। शिकायतकर्ता ईडी दफ्तर में गए तो पता चला कि रविंदर तो उनके विभाग में है, मगर उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। जिसके बाद पीड़ित ने विजिलेंस में शिकायत कर दी थी। विजिलेंस की जांच के बाद उक्त केस दर्ज किया गया था।


