राजगढ़ जिले की खिलचीपुर पुलिस ने शनिवार को 114 किसानों से 2 करोड़ 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले दो गल्ला व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। इन व्यापारियों ने किसानों से गेहूं और सोयाबीन जैसी फसलें खरीदी थीं, लेकिन 15 दिन से लेकर एक महीने तक भुगतान टालते रहे। तय समय पर किसानों को न तो उनकी फसल का पैसा मिला और न ही उनकी उपज वापस की गई। ब्यावरा कला और आसपास के किसानों के अनुसार, राजू सोनी और उसका भाई राकेश उर्फ रवि सोनी लंबे समय से गल्ले का कारोबार कर रहे थे। शुरुआत में उन्होंने किसानों को समय पर भुगतान कर विश्वास जीता, लेकिन धीरे-धीरे भुगतान की अवधि बढ़ाते गए। मई 2024 तक स्थिति यह हो गई कि वे 114 किसानों के कुल बकाया पर मुकर गए और रकम लेकर फरार हो गए। मई 2024 में दर्ज हुआ था केस
इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब 9 मई 2024 को फरियादी कैलाशचंद दांगी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अन्य किसान भी सामने आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग से मामला दर्ज कर जांच शुरू की। फरार हुए व्यापारियों की तलाश में पुलिस ने लगातार सर्चिंग अभियान चलाया और साइबर टीम की मदद से आखिरकार दोनों भाइयों को सिलवानी, जिला रायसेन से गिरफ्तार कर लिया। व्यापारियों की गिरफ्तारी की खबर मिलने पर पीड़ित किसानों ने राहत महसूस की। किसानों का कहना है कि इस धोखाधड़ी से उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया था। अब उन्हें उम्मीद है कि पुलिस की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी बकाया रकम भी वापस मिल पाएगी। इस पूरे ऑपरेशन में टीआई उमा शंकर मुकाती की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में उप निरीक्षक जितेंद्र अजनारे, विष्णु मीना, शादाब खान, प्रधान आरक्षक कृष्णचंद्र तिवारी, आरक्षक राजीव गुर्जर सहित पुलिस और साइबर सेल की पूरी टीम शामिल थी।


