चित्तौड़गढ़ जिले में राज्य सरकार के निर्देश पर अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस अभियान में दर्जनों मामलों में कार्रवाई करते हुए लाखों रुपयों की वसूली की गई। नए साल में सिर्फ 12 दिनों में 8.50 लाख रुपयों का रेवेन्यू मिला। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में अवैध खनन से जुड़े 121 मामलों में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है। संयुक्त अभियान में तेज और प्रभावी कार्रवाई खनिज विभाग के ME एहतेशाम सिद्दीकी ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी तक चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान खनन विभाग की टीमों ने खदान क्षेत्रों, सड़कों और भंडारण स्थलों पर लगातार निरीक्षण किया। कार्यालय खनि अभियंता चितौड़गढ़ क्षेत्र में इस अवधि में अवैध खनन, बिना अनुमति पत्थर-बजरी निकालने और खनिज ढुलाई के कुल 26 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में दोषियों से 8.50 लाख रुपए की राशि वसूली गई। अभियान के दौरान यह पाया गया कि कई लोग बिना अनुमति खनिज निकालकर उसे गाड़ियों के जरिए ले जा रहे थे, जिन पर मौके पर ही कार्रवाई की गई। निंबाहेड़ा क्षेत्र में भी नहीं मिली राहत जनवरी में चलाए गए इसी संयुक्त अभियान के तहत निंबाहेड़ा क्षेत्र में भी खनन विभाग ने सख्त रुख अपनाया। सहायक खनि अभियंता कार्यालय, निंबाहेड़ा द्वारा अवैध खनन, बिना अनुमति खनिज ले जाने और अवैध भंडारण के कुल 8 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 4.41 लाख रुपए की वसूली की गई। इस तरह जनवरी की अभियान अवधि में पूरे चित्तौड़गढ़ जिले में कुल 34 मामले दर्ज हुए और 12.92 लाख रुपए की राशि वसूल की गई। इसके साथ ही अवैध खनन से जुड़े 2 मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 175 करोड़ की हुई वसूली अगर पूरे चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो 1 अप्रैल 2025 से 30 दिसंबर तक कार्यालय खनिज अभियंता चित्तौड़गढ़ द्वारा अवैध खनन, बिना अनुमति खनिज परिवहन और अवैध भंडारण के कुल 92 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 145.44 लाख रुपए की वसूली की जा चुकी है। वहीं सहायक खनिज अभियंता कार्यालय, निंबाहेड़ा क्षेत्र में इसी अवधि के दौरान 29 मामले दर्ज कर 29.77 लाख रुपए की राशि वसूली गई है। इस प्रकार पूरे जिले में कुल 121 मामले दर्ज कर 175.21 लाख रुपए की वसूली हो चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। 25 FIR हुए दर्ज खनन विभाग ने केवल आर्थिक दंड तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि गंभीर मामलों में पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। अब तक जिले में अवैध खनन, बिना अनुमति खनिज ले जाने और भंडारण के खिलाफ कुल 25 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। माइनिंग इंजीनियर एहतेशाम सिद्दीकी ने बताया कि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए ऐसे संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी नियम तोड़ने की छूट नहीं दी जाएगी।


