12 लाख आबादी वाले गुमला में ट्रामा सेंटर नहीं… इलाज में होती है परेशानी

गुडडू चौरसिया | गुमला जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत हो रही है। दुर्घटना में घायलों के सदर अस्पताल पहुंचने के बाद भी संसाधन के अभाव में मरीज रिम्स रेफर होते हैं और रास्ते में ही कई घायलों की मौत हो जाती है। 12 लाख की आबादी वाले गुमला जिले में दो एनएच होने के बाद भी एनएच किनारे एक भी ट्रामा सेंटर नहीं है। जबकि एनएच पर चलने वाली तेज रफ्तार गाड़ियों और सड़क दुर्घटना को देखते हुए प्रति 50 किलोमीटर पर एक ट्रामा सेंटर होना चाहिए। सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया जाता है। जबकि जिले में प्रति वर्ष सड़क दुर्घटना में 300 से अधिक घायल मरीज इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क दुर्घटना में घायलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष जनवरी से अब तक 200 के करीब घायल इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें से कई मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया गया। ऐसे में मांग उठ रही है कि गुमला में ट्रामा सेंटर खुलना चाहिए ताकि घायलों को ससमय इलाज मुहैया हो सके। प्रशासन इस दिशा में पहल करें। एनएच पर ही होती है सबसे अधिक दुर्घटनाएं : यदि आदिवासी बहुल इस जिले में ट्रामा सेंटर खुले, तो घायलों की जान बच सकती है। हादसे में घायल मरीजों के लिए सदर अस्पताल ही सहारा है। जाहिर है कि सबसे अधिक सड़क दुर्घटना एनएच पर ही होती है। इसको लेकर सरकार द्वारा घायलों को ससमय बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एनएच किनारे प्रति 50 किलोमीटर पर ट्रामा सेंटर खोलने का प्रावधान बनाया गया है। बावजूद जिले में एक भी ट्रामा सेंटर एनएच किनारे नहीं है। ऐसे में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीज इलाज कराने नजदीकी अस्पताल तो पहुंचते हैं, लेकिन उनका इलाज नहीं होने के कारण जान तक चली जाती है। ट्रामा सेंटर हॉस्पिटल में एक अलग प्रकार का वार्ड होता है। जहां पर सिर्फ इमरजेंसी मरीजों को ही लिया जाता है। जो दुर्घटना में घायल हो जाते है अथवा गिर जाते हो या अधिक क्षति होती है। उनका उपचार किया जाता है। चूंकि ट्रामा सेंटर में इतनी सारी सुविधाएं उपलब्ध होती है कि किसी भी मरीज का इलाज कम समय में सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इसके लिए अलग से विशेषज्ञ चिकित्सक होते है, जो आपातकालीन स्थिति में आए हुए मरीजों का इलाज करते है। क्रिटिकल केयर ट्रामा सेंटर से बेहतर, मिलेगी सुविधा सदर अस्पताल के डीएस डॉक्टर अनुपम किशोर ने कहा कि फिलहाल गुमला में ट्रामा सेंटर नहीं है। लेकिन सदर अस्पताल परिसर में क्रिटिकल केयर का निर्माण हो रहा है। जो ट्रामा सेंटर के मुकाबले काफी बेहतर साबित होगा और आपातकाल स्थिति में मरीजों का समुचित इलाज संभव हो सकेगा।

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