राज्य में आदिम जनजाति बाहुल्य गांवों तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नई योजना को विस्तार दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, झारखंड के विभिन्न जिलों में आदिम जनजाति समुदाय के करीब 75 हजार परिवार हैं। ये सभी सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में काफी विकट परिस्थिति में रहते हैं। ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क व्यवस्था दयनीय होने के कारण आवागमन में भी काफी परेशानी होती है। खासकर गंभीर बीमारी की स्थिति में या गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में ज्यादा तकलीफ होती है। इसे देखते हुए इन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने चलंत ग्राम क्लीनिक संचालित करने की योजना बनाई है। इसके लिए 120 चलंत चिकित्सा दलों का गठन किया जा चुका है। किस जिले को कितनी राशि मिली जिला राशि रांची 19.68 जमशेदपुर 19.68 गुमला 19.68 चाईबासा 19.68 दुमका 29.52 जामताड़ा 9.84 लातेहार 9.84 साहिबगंज 49.20 लोहरदगा 9.84 खूंटी 9.84 सिमडेगा 9.84 बोकारो 9.84 सरा.-खरसावां 9.84 देवघर 9.84 पलामू 44.28 गोड्डा 19.68 कोडरमा 9.84 धनबाद 9.84 पाकुड़ 54.12 रामगढ़ 9.84 गिरिडीह 9.84 हजारीबाग 9.84 गढ़वा 1.77 करोड़ कुल 5.94 करोड़ नोट : राशि लाख रुपए में चलंत ग्राम क्लीनिक में मिलेंगी ये सुविधाएं घर-घर मिलेगी ओपीडी की सुविधा। प्री एंड पोस्ट डिलीवरी देखभाल। परिवार नियोजन-परामर्श और गर्भनिरोधक सेवाएं। एनीमिया और अन्य गैर संचारी रोग के तहत हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह की जांच। टीबी और मलेरिया का पता लगाने के लिए बलगम व रक्त धब्बा संग्रह। कालाजार एवं अन्य वेक्टर बोर्न बीमारियों का इलाज। सुबह 9 से शाम 6 बजे तक मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा चलंत ग्राम क्लीनिक की स्थापना की लिए चिकित्सकों का जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा भ्रमण का रोस्टर तैयार कराया जाएगा। सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक ग्राम में अवस्थित चलंत ग्राम क्लीनिक में उस गांव के निवासियों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक चलंत ग्राम क्लीनिक में कम से कम 8 घंटे चिकित्सक के द्वारा सेवाएं सुनिश्चित की जाएगी। चलंत ग्राम क्लीनिक संचालन व प्रबंधन के लिए 5.97 करोड़ स्वीकृत


