स्लॉटर हाउस में गोमांस को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। निगम की 13 जनवरी को होने वाली परिषद की बैठक हंगामेदार हो सकती है। अब कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे को लेकर शहर सरकार को परिषद में घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि इसे प्रशासक काल में लाया गया। इसके बाद गुपचुप तरीके से एमआईसी ने परिषद की जानकारी के बिना स्लॉटर हाउस चालू करवा दिया गया। इसमें भाजपा की मिलीभगत है। इसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही परिषद में कांग्रेस गंदे पानी का मुद्दे पर भी शहर सरकार को घेरेगी। परिषद की बैठक में बल्क कनेक्शन वालों को निजी कनेक्शन और विवाह पंजीयन की फीस करने का एजेंडा रखा जाएगा। नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाए कि शहर सरकार एमआईसी के माध्यम से गुपचुप सभी निर्णय ले लेती है। स्लाटर हाउस गुपचुप तरीके से शुरू कर दिया गया। जानवर मर रहे हैं, लोगों को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। इसके बाद भी शहर सरकार जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हम परिषद में जानता की आवाज को पूरी ताकत से उठाएंगे। सबसे पहले इन्हीं दो मुद्दों पर चर्चा कराई जाए। फिर एजेंडे पर बात होगी। निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की स्लॉटर हाउस से निकले मांस में गोमांस की अधिकारिक पुष्टि होने के 3 दिन बाद भी नगर निगम ने न तो फर्म और न ही जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है। शहर में एक बार फिर से पुराने स्लॉटर हाउस पर ही स्लॉटिंग की व्यवस्था शुरू हो गई है। निगम अब नए स्लॉटर हाउस के संचालन की व्यवस्था दोबारा से शुरू करने की योजना पर काम करने लगी है। शहर में हर दिन 80 से ज्यादा मृत मवेशी और पशु मिलते हैं। इसके अलावा गो शालाओं में मरने वाले मवेशी भी स्लॉटर हाउस भेजे रहे थे। नए स्लॉटर हाउस बंद होने से निगम के सामने इन मवेशियों को डिस्पोज करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। अभी तक लाइवस्टॉक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ही शहर भर से इन मवेशियों को उठाकर ला रही थी। इसके साथ ही स्लॉटर हाउस में 200 के आसपास बड़े मवेशियों की स्लॉटिंग होने लगी थी, वह भी बंद हो गई है।


