13 मजदूरों को रौंदने वाला कार ड्राइवर गिरफ्तार:ट्रेन से पुणे जाने की फिराक में था, 5 आदिवासी महिलाओं की मौत का है जिम्मेदार

नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों को तेज रफ्तार कार से कुचलने वाले फरार आरोपी लखन सोनी को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह दर्दनाक हादसा 18 जनवरी 2026 को थाना बरेला क्षेत्र में सिग्मा कान्हा कॉलोनी, सालीवाड़ा के पास नेशनल हाईवे पर हुआ था, जिसमें 5 मजदूरों की मौत और 11 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस के मुताबिक मंडला से जबलपुर की ओर जा रही सफेद रंग की कार के चालक ने लापरवाही से तेज वाहन चलाते हुए सड़क किनारे काम के बाद लंच कर रहे मजदूरों को कुचलते हुए फरार हो गया। हादसे में 11 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कार मालिक से खुला राज
मामले में पुलिस ने कार मालिक दीपक सोनी (पिता रमेश सोनी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में सामने आया कि घटना के समय कार उसका भाई लखन सोनी चला रहा था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया, जबकि लखन सोनी फरार हो गया था। फरार आरोपी की तलाश में थाना बरेला और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम लगाई गई। इसी दौरान क्राइम ब्रांच को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी लखन सोनी जबलपुर स्टेशन के पास बाहर भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे ट्रेन की बोगी से दबोच लिया। गौर चौकी प्रभारी टेकचंद शर्मा ने बताया कि वो पुणे जाने की फिराक में था। वो कटनी से ट्रेन बैठा था। क्राइमब्रांच की टीम ने जानकारी लगते ही उसे टिकट सहित ट्रेन की बोगी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लखन सोनी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281, 125(ए), 125(बी), 105 और मोटरयान अधिनियम की धारा 184, 134, 187, 177 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। नेशनल हाईवे पर परिजनों ने किया था चक्काजाम
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने डेडबॉडी के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था। हजारों ग्रामीण उनके समर्थन में मौके पर पहुंचे थे। NHAI, शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान नेशनल हाईवे पूरी तरह जाम रहा, जो करीब 10 किलोमीटर तक फैला रहा। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा, अपर कलेक्टर नाथूराम गोंड और एसडीएम अभिषेक सिंह के कई घंटों के प्रयास के बाद परिजन माने तब जाकर धरना और जाम समाप्त हुआ था। ये खबर भी पढ़ें… मंडला में 5 घरों के बच्चों ने मांओं को खोया “मेरी दो बहनों की शादी हो गई है। अब मेरी शादी होनी थी। 20 जनवरी को मेरी मम्मी और पापा मेरे लिए लड़का देखने जाने वाले थे। मेरी शादी के लिए कुछ पैसे इकट्ठे हो जाएं, इसलिए मेरी मां मजदूरी करने जाती थी। उस दरिंदे ने मेरी मां को कुचलकर मार दिया। हमारे आर्थिक हालात बेहद कमजोर हैं। आगे क्या होगा, हम नहीं जानते।” यह कहना है जबलपुर के हिट एंड रन मामले में मृत हुई गोमता बाई की बेटी सुकरती ऊईके का। मां की मौत के बाद 18 साल की सुकरती सहमी हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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