क्राइम रिपोर्टर | रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जीएसटी घोटाले में पूर्व में गिरफ्तार चार कारोबारियों के विरुद्ध रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में शनिवार को चार्जशीट दाखिल की। ईडी ने चार्जशीट में बताया- जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने 135 कागजी कंपनी की मदद से 5000 करोड़ का फर्जी चालान जारी कर 730 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। इस मामले में ईडी ने आठ मई को छापेमारी कर जमशेदपुर के जुगसलाई से कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया, कोलकाता से शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा व अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ये सभी इस घोटाले के मास्टरमाइंड हैं। वर्तमान में चारों न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार कारा में बंद हैं। गिरफ्तारी से 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की कानूनी बाध्यता के तहत ईडी ने यह चार्जशीट दाखिल की है। छापेमारी में ईडी ने जब्त किए थे 29 लाख नगद : जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजी जीआई) जमशेदपुर ने कई शिकायतें दायर कर बड़े पैमाने पर जीएसटी धोखाधड़ी में शामिल एक सिंडिकेट का खुलासा किया था। इन्हीं शिकायतों के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की थी। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने गुप्त सूचना के आधार पर वर्ष 2023 में भी छापेमारी की थी। उसी वक्त यह जानकारी सामने आई थी कि कुछ व्यापारियों ने फर्जी बिल के आधार पर करीब 734 करोड़ रुपए का जीएसटी घोटाला किया है। ईडी ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से 29 लाख नकद जब्त किए थे।


