भारत विकास परिषद्, जालोर शाखा की ओर से राबाउमावि गोडीजी में गुरु वंदन छात्र अभिनंदन समारोह सेवा भारती के संरक्षक व पूर्व प्रोफेसर डॉ. महावीर प्रसाद भूतड़ा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस मौके पर डॉ. भूतड़ा ने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाले विद्यार्थियों के जीवन में सफलता के द्वार स्वयं खुल जाते हैं। गुरु कृपा से विद्यार्थी मानवोचित गुणों का विकास कर सकता है। उन्होंने ने विद्यार्थियों से अपने गुरुओं के प्रति सम्मान, निष्ठा और विनयशीलता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सत्यवादिता, परिश्रम और देशप्रेम जैसे चारित्रिक गुणों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष पदमाराम चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के मन में माता-पिता व गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना व प्राचीन गुरु-शिष्य परम्परा को पुनर्स्थापित करना है। परिषद् के पूर्व सचिव संतोष कुमार दवे ने भारत विकास परिषद् का परिचय दिया। स्कूल की बालिकाओं ने लोकनृत्य से अतिथियों का स्वागत किया। बालिका गरिमा ने गुरु महत्ता पर कविता का पाठ किया। स्कूल स्टाफ व करीब 165 विद्यार्थियों ने भाग लिया कार्यक्रम में स्कूल के 14 प्रतिभावान विद्यार्थियों को शिक्षा, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र व पारितोषिक देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही स्कूल में कार्यरत 9 शिक्षकों को भी सम्मानित किया। समारोह में मेधावी छात्राओं ने अपने गुरुओं का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों व अतिथियों ने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करेंने, नशे से दूर रहेंने, स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करने की सामूहिक शपथ ली। विद्यार्थियों को परिषद् की ओर से फल बांटे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार दवे ने किया। इस दौरान शाखा सचिव शंकरलाल सोलंकी, महेंद्र आनंद वैष्णव, कमल किशोर भूतड़ा, भंवरलाल सुथार, मिश्रीमल गर्ग, पदमाराम माली, निलेश सहित विद्यालय स्टाफ व करीब 165 विद्यार्थी मौजूद रहे। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


