निज़ामवासी बाबा जयगुरुदेव महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत बाबा उमाकांत महाराज ने बिछावाड़ी, आहोर मेन रोड स्थित आश्रम का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। बाबा ने बताया कि एक ही स्थान पर सभी भक्त नहीं पहुंच पाते, इसलिए चारों दिशाओं में मंदिर स्थापित किए जाएंगे, ताकि लोगों को राहत और आध्यात्मिक ऊर्जा मिल सके। बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि गुरु की दया का केंद्र होता है। मान्यता प्राप्त स्थान पर भजन-ध्यान से भौतिक और आध्यात्मिक लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि गुरु का चिह्न इसलिए बनाया जा रहा है ताकि गुरु की कृपा से जीवन में और देह त्याग के बाद भी लाभ मिले। निर्माण में सहयोग करने वालों को भी फायदा होगा। उन्होंने आगामी अखंड साधना शिविर में साधना करने का आह्वान किया। कहा कि साधना में मन को एकाग्र कर बैठने से गुरु की दया मिलती है। संकट के समय जयगुरुदेव नाम का उच्चारण करने से कठिनाइयां दूर होती हैं। कार्यक्रम में बाबा उमाकांत महाराज और दादा गुरु की उपस्थिति रही।


