छत्तीसगढ़ के 64 लाख 95 हजार वोटर्स के पास विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चुनाव आयोग का नोटिस पहुंचा है। इसमें बताया गया है कि उनके नाम, पते या पिता के नाम में त्रुटि है। अगर 14 फरवरी के पहले त्रुटि नहीं सुधरवाई गई तो मतदाता सूची प्रकाशन में नाम काट दिया जाएगा। नोटिस प्रक्रिया 23 दिसंबर से चल रही है। दैनिक भास्कर ने पड़ताल में पाया कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर ने ऐसी त्रुटियां पकड़ी हैं, जिससे लोगों का सिर दर्द बढ़ गया है। जैसे- 2003 के मतदाता पहचान पत्र में किसी का नाम प्रमोदकुमार लिखा है और एसआईआर फॉर्म में प्रमोद कुमार (दोनों शब्द अलग) हो गए हैं तो उसे लॉजिकल एरर बताया गया है। ऐसी ही छोटी-छोटी गलतियों को केंद्रीय चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर ने पकड़ा है। अब जिन्हें नोटिस जा रहा है, उन्हें बीएलओ के पास जाकर अपना नाम सुधरवाना होगा। छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख वोटर्स हैं। इस तरह एक चौथाई वोटर्स के पास ऐसे नोटिस पहुंचे हैं। निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर ने लॉजिकल एरर निकाले हैं। 2003 और एसआईआर फाॅर्म में नाम का मिलान नहीं होने, पिता-पुत्र की उम्र में 15 साल से कम का अंतर मिलने वालों को नोटिस देकर सुनवाई की जानी है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अपने पक्ष में दस्तावेज दिखाना है। तुरंत सुधार होगा।
-यशवंत कुमार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, छत्तीसगढ़ 2003 के वोटर्स का पूरा डेटा केंद्रीय चुनाव आयोग के पास पहले से था। एसआईआर में जो फाॅर्म भरे जा रहे थे, वह भी ऑनलाइन आयोग के पास पहुंच गए। अब दोनों डेटा में कुछ बिंदुओं को देखते हुए कमांड दी गई और 64 लाख 95 हजार वोटर आईडी में लॉजिकल एरर पकड़ा। ये एरर कुछ इस तरह के थे… वो सब जो आपको जानना जरूरी है अगर किसी वजह से 14 फरवरी तक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए तो क्या होगा?
ऐसे में अभी प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची में नाम नहीं आएगा। बाद में फाॅर्म 6 भरकर वोटर आईडी कार्ड बनवा पाएंगे। नोटिस नहीं मिला है तब भी नाम कट सकता है?
नहीं, अगर 14 फरवरी तक नोटिस नहीं मिलता है तो आपका नाम लॉजिकल एरर में नहीं है। ऐसे मेें आपका नाम नहीं कटेगा। नोटिस मिलने पर क्या करना होगा?
आयोग ने 13 तरीके के दस्तावेज बता रखे हैं। इनमें से कोई एक दस्तावेज ले जाकर बीएलओ को दिखाना है। सिर्फ मतदाता पहचान पत्र के अलावा कोई और पहचान पत्र न हो तो?
ऐसी स्थिति में एईआरओ या ईआरओ से मिलना होगा, वही इस बारे में अधिकृत हैं। एक ही परिवार के कुछ सदस्य अगर मौजूद न हो, तो उनकी जगह कोई और नोटिस का जवाब दे सकता है?
हां, परिवार का कोई सदस्य यदि दूसरे शहर या राज्य में रह रहा हो, तो परिजन मूल दस्तावेज दिखाकर नोटिस का जवाब दे सकेंगे। पर मूल दस्तावेज दिखाने होंगे।
किस मंत्री के जिले में कितने नोटिस
सबसे ज्यादा नोटिस रायपुर जिले में जारी हुए हैं। रायपुर जिले से गुरु खुशवंत साहेब राज्य सरकार में मंत्री हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर बिलासपुर जिला हैं, जहां 5 लाख से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं।


