लोकसभा स्पीकर ओम बिरला व ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना के लिए 3523.16 करोड रुपए की राशि जारी की गई है। परियोजना से बारां, कोटा ओर झालावाड़ जिले के कुल 1402 गांव और 276 ढाणियों में हर घर जल उपलब्ध करवाया जा सकेगा। इससे तीनों जिलों के तकरीबन 1,52,427 परिवारों को फायदा मिलेगा। ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि परियोजना में बारां जिले के 907 गांव, कोटा जिले के 184 और झालावाड़ जिले के 311 गांव शामिल किए गए हैं। इसके तहत 2 पंप हाउस और 2 वाटर फिल्टर प्लांट का निर्माण किया जाएगा। इसमें बारां जिले में 100 एनएलडी और कोटा व झालावाड़ जिले के लिए सारोला में 40 एनएलडी का संयंत्र स्थापित होगा। इसके अलावा 41 स्वच्छ जलाशय, 276 उच्च जलाशय, 661 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन का निर्माण होगा। पीएलसी स्काडा कार्य, डेडिकेटेड,विद्युत फीडर एवं जीएसएस का निर्माण भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया- थर्ड पैकेज के तहत झालावाड़ एवं कोटा जिले के लिए क्लस्टर पैकेज के तहत् राशि जारी हुई है। पैकेज में क्लस्टर डिस्ट्रीब्यूशन, ग्रामीण वितरण पाइपलाइन, उच्च जलाशय, स्वच्छ जलाशय और हर घर जल कनेक्शन शामिल है। कोटा जिले के अंतर्गत सांगोद विधानसभा क्षेत्र के तहसील सांगोद एवं कनवास में 38 उच्च जलाशय का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना को पूर्ण होने की संभावित तारीख 13 अगस्त 2027 मानी गई है। तीन जिलों के 1402 गांवों को मिलेगा लाभ परियोजना के तहत बारां, कोटा एवं झालावाड़ जिले के कुल 1402 गांव को लाभ मिलेगा। बारां जिले के 1 लाख 13 हजार 49, कोटा जिले के 23 हजार 753 व झालावाड़ जिले के 15 हजार 635 परिवार लाभान्वित होंगे। इसमें बारां जिले में 28, कोटा जिले में 5 एवं झालावाड़ जिले में 8 स्वच्छ जलाशय बनेंगे। साथ ही, बारां जिले में 184, कोटा जिले में 38 और झालावाड़ जिले में 54 उच्च जलाशय का निर्माण कराया जाएगा। इसी तरह बारां जिले में 412 किलोमीटर और कोटा व झालावाड़ जिले में 249 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन डाली जाएगी। ग्रामीण वितरण पाइपलाइन बारां जिले में 6789 किमी, कोटा एवं झालावाड़ जिले में 2688 किलोमीटर लाइन डलेगी। ऐसे ही, बारां में 28 तथा कोटा व झालावाड़ जिले में 16 पंप हाउस बनेंगे।


