भगवान शिव-पार्वती की उपासना का पर्व महाशिवरात्रि इस बार 26 फरवरी को आ रहा है। शिव उपासना का यह दिन सनातन धर्मियों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। इस बार का महाशिवरात्रि पर्व 144 वर्षों बाद महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान का संयोग भी बना हुआ है। जो अपने आप में अद्भुत है। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर्व के तीन दुर्लभ संयोग भी बन रहे है। 60 वर्षों बाद त्रिग्रही योग (सूर्य,बुध व शनि कुंभ राशि में रहेंगे)। 31 वर्षों बाद बुधादित्य योग तथा 7 वर्ष वाद बुधवार का संयोग तथा श्रवण व धनिष्ठा नक्षत्र का युग्म संयोग है। जो शिवभक्तों को अच्छे फल देगी।
महाशिवरात्रि को लेकर पाली में मंगलवार को शहर के सोमनाथ महादेव मंदिर, लाखोटिया महादेव मंदिर पर आकर्षक सजावट की जा रही थी। इसके साथ ही जिले के प्रमुख शिव मंदिर निम्बोंका नाथ महादेव मंदिर, परशुराम महादेव मंदिर सहित शहर के कई शिव मंदिरों में सजाव की जा रही है। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार रहेगी।
201 किलो फूलों से होगा सोमनाथ महादेव का शृंगार
पाली के सोमनाथ महादेव मंदिर के पुजारी सुनिल रावल ने बताया कि महाशिवरात्रि पर सात तरह के अलग-अलग 201 किलो फूलों से सोमनाथ महादेव का शृंगार किया जाएगा। चार प्रहर की पूजा होगी। मंगलवार को यहा फूलों से माला आदि बनने का कार्य करते पुजारी परिवार के लोग जुटे नजर आए। इसके सााथ ही मंदिर के बाहर और अंदर भी आकर्षक सजावट की जा रही थी।


