पूर्व मंत्री और सिंहावल विधायक कमलेश्वर पटेल ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर सोन नदी पर बने पुलों को चालू नहीं किया गया तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर स्वयं उनका संचालन शुरू कर देंगे। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटेल मंगलवार शाम ग्राम तिलई में आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि कमलनाथ सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने सिंहावल विधानसभा क्षेत्र में सोन नदी पर तीन महत्वपूर्ण पुलों की मंजूरी दिलाई थी। इनमें बहरी से अमिलिया-हनुमना-मिर्जापुर मार्ग पर सोन नदी का पुल, नकझर से बमुरी-सिहावल मार्ग का पुल और लौअर से कोरसर मार्ग का पुल शामिल हैं। पूर्व मंत्री के अनुसार, बहरी-अमिलिया और लौअर-कोरसर मार्ग पर बने दो पुल अब पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के नेता केवल फीता काटने के इंतजार में इन पुलों को चालू करने में देरी कर रहे हैं, जिससे जनता को असुविधा हो रही है। पटेल ने कहा कि यह लापरवाही अस्वीकार्य है। पुल तैयार होने के बावजूद उनके संचालन में देरी के कारण लोग जोखिम उठाकर नदी पार कर रहे हैं, जिससे कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने सरकार से जनता की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इन पुलों को तत्काल चालू करने का आग्रह किया। कमलेश्वर पटेल ने स्पष्ट कहा, “जनता के पैसों से बने पुलों पर किसी नेता का हक नहीं है, अगर 15 दिन में पुल नहीं खुले तो हम ग्रामवासियों के साथ मिलकर खुद उनका उद्घाटन करेंगे।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। लोगों ने पटेल की चेतावनी का समर्थन करते हुए पुलों को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की।


