दिनेश गोप की गिरफ्तारी के बाद संभाल रहा था संगठन की कमान झारखंड पुलिस को मंगलवार की रात उग्रवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली। गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंगाबाड़ी ऊपरटोली जंगल में पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के उग्रवादियों से मुठभेड़ के दौरान 15 लाख रुपए का इनामी और संगठन का शीर्ष कमांडर मार्टिन केरकेट्टा मारा गया। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए हैं। दो अन्य उग्रवादियों के घायल होने की सूचना है, जबकि आधा दर्जन से अधिक मौके से फरार हो गए। गुमला एसपी हारिस बिन जमा को सूचना मिली थी कि पीएलएफआई के उग्रवादी इलाके में डेरा जमाए हुए हैं। इसके बाद एक विशेष टीम बनाकर इलाके की घेराबंदी की गई। जैसे ही पुलिस टीम पास पहुंची, उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मार्टिन केरकेट्टा मारा गया। पुलिस का कहना है कि मार्टिन की मौत संगठन के लिए तगड़ा झटका है। दिनेश गोप की गिरफ्तारी के बाद वही संगठन की कमान संभाल रहा था। दिनेश गोप के बचपन का साथी था, साथ पढ़ाई भी की मार्टिन मूल रूप से कामडारा के रेड़मा गांव का रहने वाला था और पीएलएफआई की केंद्रीय समिति का सक्रिय सदस्य था। लेवी वसूली, धमकाने और फायरिंग की रणनीति वही तय करता था। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। दिनेश गोप की वजह से मार्टिन का संगठन में कद बड़ा था। मार्टिन और दिनेश गोप बचपन के साथ थे। दोनों एक साथ लापुंग के महुगांव स्थित स्कूल में पढ़ाई करते थे। बाद में दोनों ने एक साथ संगठन का विस्तार किया।


