जम्मू-कश्मीर के राजकुमार वर्मा और मोहन सिंह नामक दो मित्रों ने शिव भक्ति और मित्रता की अनूठी मिसाल पेश की है। दोनों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद लगभग 1500 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की। राजकुमार वर्मा (60 वर्ष) और मोहन सिंह (58 वर्ष) ने 2 दिसंबर 2025 को अपनी यात्रा शुरू की थी। लगभग 40 दिनों तक प्रतिदिन 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलते हुए, वे 8 जनवरी को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। इस यात्रा में एक बड़ी चुनौती थी राजकुमार वर्मा का स्वास्थ्य। दो वर्ष पहले उनके पैर का गंभीर ऑपरेशन हुआ था, जिसमें रॉड डाली गई थी। इसके बावजूद उन्होंने शिव भक्ति में यह पदयात्रा करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने मित्र मोहन सिंह को भी प्रेरित किया, जिसके बाद मोहन सिंह भी उनके साथ यात्रा पर जाने के लिए तैयार हो गए। पूरी यात्रा के दौरान दोनों श्रद्धालु अपना भोजन स्वयं बनाते थे। उनके साथ एक मारुति 800 वाहन चलता था, जिसे सहयोगी चलाते थे और जिसमें आवश्यक सामान रखा जाता था। विशेष रूप से पंजाब में गुरुद्वारों ने उन्हें भरपूर सहयोग दिया, जहां उन्हें लंगर, विश्राम और सेवा मिली। उज्जैन पहुंचकर दोनों मित्रों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। यहां समाजसेवियों और शिवभक्तों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे अपने अगले लक्ष्य कुबेरेश्वर धाम (सीहोर) के लिए पैदल ही रवाना हो गए। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य जम्मू में शिव पुराण कथा का आयोजन कराना है। दोनों मित्र कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर पंडित प्रदीप मिश्रा से निवेदन करेंगे कि वे जम्मू में शिव पुराण कथा करें, क्योंकि उनका मानना है कि जम्मू में बड़ी संख्या में शिव भक्त है। वहां शिव पुराण कथा का आयोजन होना चाहिए।


