ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और महिला नेतृत्व को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में चार दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और सरपंच संवाद के तत्वावधान में यह कार्यक्रम 16 से 19 दिसंबर तक चला। इसमें देश के 16 राज्यों से चयनित 46 महिला सरपंचों ने भाग लिया। इन महिला सरपंचों ने पंचायत से राष्ट्र निर्माण तक अपनी भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत किया। मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व नरसिंहपुर जिले के गोटेगाँव खेड़ा की सरपंच प्रियंका राहुल खमरिया ने किया। उन्होंने राज्य की पंचायतों की उपलब्धियों, नवाचारों और आत्मनिर्भर विकास मॉडल की प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय मंच पर सभी 46 महिला सरपंचों को ‘धुरंधर सरपंच’ का विशेष टैग प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने राज्यों की पंचायत व्यवस्था, नवाचारों और विकास कार्यों को साझा किया। मध्य प्रदेश की प्रस्तुति को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया, और राज्य को विशेष रूप से दिल्ली आमंत्रित किया जाना गौरव का क्षण रहा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ विषय पर आयोजित पार्लियामेंट विज़िट रही। इस विज़िट ने स्थानीय शासन और राष्ट्रीय नीति-निर्माण के बीच के सेतु को रेखांकित किया, जिससे प्रतिभागियों को नीति-निर्माण प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के प्रमुख आयामों में आत्मनिर्भर पंचायत निर्माण, महिला नेतृत्व एवं निर्णय क्षमता का सशक्तिकरण शामिल था। इस प्रशिक्षण से महिला सरपंचों ने नेतृत्व में आत्मविश्वास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समझ, आत्मनिर्भर पंचायत की स्पष्ट रूपरेखा तथा राष्ट्र निर्माण में महिला शक्ति की निर्णायक भूमिका को गहराई से सीखा। कार्यक्रम के प्रेरणादायी प्रशिक्षकों सुनील जगलान, ए.वी.एन. सुरेश चंगासर और सरपंच संवाद की पूरी टीम के मार्गदर्शन के लिए प्रतिभागियों ने आभार व्यक्त किया।


