अजमेर नगर निगम, पुष्कर एवं आसपास के पैराफेरी गांवों के 170 सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 वीं तक पढ़ने वाले 20 हजार विद्यार्थियों को इस मकर संक्रांति कसूरी मैथी, हींग, अजवायन आदि से बने गुजराती नमकीन खाखरों का स्वाद चखने को मिलेगा। खाखरे का प्रत्येक नग 20 से 22 ग्राम का होगा जो कि मिड डे मील के साथ वितरित करेंगे। खाखरे चित्तौड़ से खासतौर पर बनाए गए हैं। वहां से इन्हें अजमेर लाया गया है। अक्षय पात्र फाउंडेशन की ओर से यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि बच्चों का पोषाहार के प्रति लगाव हो। इनके वितरण की शुरुआत मंगलवार से की जानी है, जो कि मकर संक्रांति से हो रही है। अक्षय पात्र फाउंडेशन की ओर से अजमेर में अगस्त 2016 से की गई थी, जिसमें तोपदड़ा स्थित सेंट्रलाइज किचन से षोषाहार इन सरकारी स्कूलों में पहुंचाया जाता है। पहले यह अजमेर शहर में शुरू किया गया, इसके बाद पुष्कर एवं आसपास के पैराफेरी गांवों के स्कूल इसमें जोड़े गए। मालूम हो कि पोषाहार की क्वालिटी के कारण कई सरकारी स्कूल अक्षय पात्र से जुड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। मौजूदा समय में 11 वाहनों के जरिए स्कूलों में वितरण कार्य किया जा रहा है। चित्तौड़ भीलवाड़ा, उदयपुर और बारां में भी वितरण अक्षयपात्र की ओर से खाखरे बनाने का सेंट्रलाइज काम चित्तौड़ केंद्र को दिया है। यहां से चित्तौड़ के 172 स्कूलों के 13 हजार, उदयपुर के 284 स्कूलों के 18 हजार, भीलवाड़ा 153 स्कूलों के 13 हजार 500, बारां के 99 स्कूलों के 5 हजार बच्चों को खाखरों का वितरण किया जा रहा है। माह में एक दिन मंगलवार को होगा वितरण अक्षयपात्र फाउंडेशन, अजमेर के मैनेजर शिव सिंह राठौड़ ने बताया- मकर संक्रांति से अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से अजमेर एवं आसपास के पैराफेरी क्षेत्रों के स्कूल में दिए जाने वाले मिड डे मील में गुजराती खाखरों को शामिल किया है। यह कसूरी मैथी, हींग और अजवायन के स्वाद में होंगे। इन्हें चित्तौड़ किचन से खासतौर पर मंगवाया गया है, ये हर माह किसी एक मंगलवार को बच्चों को बांटे जाएंगे। मिड डे मील में अभी यह मिल रहा


