अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित कटहल मोड़ रोड के पर्ल ऑर्किड अपार्टमेंट की 9वीं मंजिल पर एक बंद फ्लैट में आग लग गई। शुक्रवार की सुबह लगभग 8:20 बजे आग लगी, जिसके बाद अपार्टमेंट में अफरा-तफरी मच गई। जिस फ्लैट में आग लगी, वह पुलिस हेडक्वार्टर स्थित केंद्रीय वस्त्र भंडार यूनिट में पोस्टेड सार्जेंट मेजर अभिनव कुमार पाठक का है। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डोरंडा फायर स्टेशन को जानकारी दी। सुबह 8:25 बजे दमकल की 2 गाड़ियां डोरंडा फायर स्टेशन से निकलीं, जो मौके पर पहुंच कर आग बुझाने में जुट गईं। हालांकि तब तक फ्लैट में लगी आग भयावह रूप ले चुकी थी। पूरे फ्लैट में आग की ऊंची-ऊंची पलटें उठ रही थीं। भयावह स्थिति को देखते हुए ऑड्रे हाउस और धुर्वा स्थित फायर स्टेशन से दमकल की 2-2 अतिरिक्त गाड़ियां बुलानी पड़ी। इसके बाद भी आग पर नियंत्रण नहीं हो पाया तो दमकल की एक गाड़ी को पिस्का फायर स्टेशन से बुलाया गया। 7 गाड़ियां मिलकर 2 घंटे में आग को नियंत्रित कर पाईं। दिन के 11 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। हालांकि तब तक सभी सामान जलकर राख हो चुके थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हाइड्रोलिक मशीन खराब रहने से हुई परेशानी : अफसर स्टेट फायर ऑफिसर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सूचना मिलने के बाद बाद तुरंत डोरंडा फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग को नियंत्रित करने में जुट गई। तीन अन्य फायर स्टेशन से भी दमकल गाड़ियां पहुंची थीं। आग बुझाने में 7 दमकलों को दो घंटे से ज्यादा लगा। हाइड्रोलिक मशीन खराब है, जिसकी वजह से परेशानी हुई। हाइड्रोलिक फायर टेंडर ठीक रहती तो ज्यादा परेशानी नहीं होती। 3 तल्ले तक की क्षमता वाली फायर टेंडर से 9वीं मंजिल पर फेंका पानी अपार्टमेंट की 9वीं मंजिल पर आग बुझाने के लिए 7 दमकल लगाए गए थे। हालांकि ये सभी दमकल की क्षमता 3 मंजिल तक ही लगी आग को बुझाने की है। 18 करोड़ की लागत से खरीदा गया हाइड्रोलिक फायर टेंडर धुर्वा स्थित फायर स्टेशन में खड़ी थी। बहुमंजिले भवन में आग लगने के बाद जब इस हाइड्रोलिक मशीन की जरूरत पड़ी तो बताया गया कि पिछले कई महीनों से यह खराब पड़ी है। इसे बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन मुंबई की एक कंपनी ने 1.50 करोड़ का कोटेशन दिया है। इसके बाद पैसे के अभाव में किसी अधिकारी ने खराब हाइड्रोलिक को बनवाने की जहमत नहीं उठाई। रिटायर्ड फायर ऑफिसर जगजीवन राम ने बताया कि सामान्य दमकल से तीसरी मंजिल तक लगी आग को ही बुझाया जा सकता है। इससे ऊपर आग लगने की स्थिति में पाइप जोड़ने की वजह से पानी का प्रेशर कम हो जाता है। कई जगह लीकेज होता है। कर्मियों को काफी परेशानी होती है। 9वीं मंजिल पर आग लगने के बाद सिर्फ हाइड्रोलिक फायर टेंडर ही कारगर हो सकती है। गैस से नहीं लगी आग, फ्लैट ऑनर ने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया फ्लैट में अभी पीएनजी की आपूर्ति शुरू ही नहीं हुई : गेल गेल के अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने कहा है कि पर्ल ऑर्किड अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1102 में आग लगने की घटना से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का कोई संबंध नहीं है। फिलहाल फ्लैट में पीएनजी की आपूर्ति ही शुरू नहीं हुई है। फ्लैट ऑनर ने खुद ही बताया है कि यह आग पूजा कक्ष में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी है। प्रशांत कुमार ने यह भी बताया कि सूचना मिलने के बाद एहतियातन सीजीडी रांची की एक टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच की। टीम ने सोसाइटी में गैस आपूर्ति को आइसोलेट किया।


